जासं, लुधियाना : पंजाब रोडवेज कांट्रेक्ट यूनियन तथा निजी बस ऑपरेटरों के बीच दो दिन से चल रहा तनाव वीरवार फिर से बढ़ गया। मामला इस कदर गर्मा गया कि पुलिस को मौके पर पहुंच कर बीच-बचाव करना पड़ा। दोपहर तक चली उठापटक के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता करवा दिया गया। बुधवार को रामपुरा फूल में ऑर्बिट बस के कर्मचारियों ने लुधियाना डिपो के बस कंडक्टर पर हमला कर उसकी बाजू तोड़ दी थी। इसको लेकर रोडवेज कर्मियों ने लुधियाना में गेट रैली की। वीरवार सुबह तक भी मामला हल नहीं होता देखकर कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने सुबह ही बस स्टैंड में आने-जाने वाले रास्तों पर बसों को खड़ा करके उन्हें बंद कर दिया। किसी बस को अंदर नहीं जाने दिया गया। कर्मचारियों ने ऑर्बिट व अन्य निजी कंपनी की बसों में सवार यात्रियों को पकड़ कर नीचे उतारना शुरू कर दिया। इस पर पंजाब रोडवेज कांट्रेक्ट यूनियन तथा निजी बस ऑपरेटरों के कर्मी आमने-सामने हो गए। हंगामा इतना बढ़ गया कि थाना नंबर पांच की बस स्टैंड चौकी को वहां पहुंचकर बीच-बचाव करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्ष को शांत कराया। भारी उठापटक के बाद ट्रैफिक मैनेजर ने करवाया समझौता हंगामे के दौरान रोडवेज के ट्रैफिक मैनेजर जुगराज सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को अपने दफ्तर में बुलाया। फिर वहां भारी उठापठक के बीच उनमें समझौता करवा दिया। इसमें ऑर्बिट कंपनी के अड्डा इंचार्ज ने घायल हुए कंडक्टर के इलाज का पूरा खर्च उठाने का वादा किया। जुगराज ने दोनों पक्ष को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी भी दी।