जागरण संवाददाता, लुधियाना। Strike In Punjab: डीसी दफ्तर, एसडीएम, तहसीलदार दफ्तरों के कर्मी, पटवारी एवं राजस्व अधिकारी शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। इस हड़ताल का खामियाजा आम आदमी भुगत रहा है। लोग लंबा सफर करके डीसी दफ्तर में पहुंचते हैं तो पता चलता है कि हड़ताल है। दफ्तरों में बाबू नहीं हैं या ताले लगे हैं। वह बैरंग की बिना काम कराए वापस लौट रहे हैं, लेकिन सरकार पर कोई असर नहीं दिख रहा है। उधर रेवेन्यू अफसरों ने अपनी हड़ताल 7 दिसंबर तक बढ़ा दी है। अफसरों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांग पर अमल नहीं होता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। साफ है कि अभी आम लोगों की दिक्कतें कम होने वाली नहीं हैं। हड़ताल के कारण जिले में लाेगों के करीब बारह हजार एवं शहर में साढ़े चार हजार विभिन्न तरह के आवेदन पेंडिंग हो गए हैं।

पंजाब रेवेन्यू अफसर एसोसिएशन के प्रधान गुरदेव सिंह धाम का कहना है कि छह और सात दिसंबर को भी सूबे के तमाम रेवेन्यू अफसर मास-लीव पर रहेंगे। यह फैसला शुक्रवार को एसोसिएशन की वर्चुअल बैठक में लिया गया। उनका कहना है कि विजिलेंस विभाग ने नायब तहसीलदार, रजिस्ट्री क्लर्क को झूठे मामले में फंसा कर गिरफ्तार किया है। एसोसिएशन उक्त पर मामले वापस लेने एवं विजिलेंस के संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।उधर शुक्रवार को डीसी दफ्तर में लोग परेशान रहे।

राहों रोड से साइकिल पर मिनी सचिवालय पहुंचे बुजुर्ग जसवंत सिंह का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी का जाति सर्टिफिकेट बनवाना है। इसके लिए वे लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण उनका काम नहीं हो रहा है। गांव गिल के गुरचरण सिंह ने अपने बच्चों के जन्म सर्टिफिकेट में संशोधन कराना है। वह एक कंपनी में काम करते हैं और छुट्टी लेकर मिनी सचिवालय पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हुआ। गुरचरण परेशानी में दिखे। उनका कहना है कि सरकार को सिस्टम बनाना चाहिए, ताकि आम लोगों की परेशानी कम हो।

Edited By: Vipin Kumar