लुधियाना, जेएनएन। सुप्रीम कोर्ट ने आखिर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को कुछ राहत दी है। उन्हें लॉकडाउन समाप्त होने के बाद दस दिन में बीएस-4 वाहनों की बिक्री और पंजीकरण दोनों कार्य पूरा करने की रियायत दी है। ऐसे में इंडस्ट्री में लॉकडाउन में ही मशक्कत शुरू हो गई है। इससे पहले 31 मार्च तक बीएस-4 वाहनों की बिक्री करने के आदेश थे।

कोरोना के कारण देश में लागू किए लॉकडाउन से कई शोरूम में अभी भी पुराना स्टॉक पड़ा है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट की राहत से कारों और दोपहिया वाहनों पर पहले से चल रहे ऑफर्स भी लॉकडाउन के बाद जारी रह सकते हैं। शोरूम संचालक वर्क एट होम के माध्यम से ही स्टाफ को बचे स्टॉक की बिक्री के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

राहत का जरूर मिलेगा लाभ: कुलवंत सिंह

ग्रोवर हुंडई के एमडी कुलवंत सिंह के मुताबिक ज्यादातर स्टॉक क्लीयर हो चुका है, जबकि अगर कुछ स्टॉक बचा भी है, तो इस पर कंपनियों और शोरूम संचालकों की तरफ से बेहतरीन ऑफर्स दिए जा रहे हैं। पिछले एक साल से वैसे ही ऑटोमोबाइल सेक्टर बेहद कठिन दौर से गुजरा है। ऐसी राहत देकर कुछ और समय स्टॉक क्लीयर के लिए दिया गया है, जिसका लाभ जरूर मिलेगा।

स्टॉक क्लीयर की सीमा को बढ़ाना चाहिए: गुरसिमरन

स्टार कार के डायरेक्टर गुरसिमरण सिंह के मुताबिक ऑटो मोबाइल को इस तरह की राहत की अहम आवश्यकता है। पहले ही रिसेशन है और स्टॉक क्लीयर की सीमा को बढ़ाना चाहिए। गुलजार ग्रुप के एमडी हरकिरत सिंह के मुताबिक अभी इस फैसले को लेकर असमंजस है। लंबे समय से मंदी झेल रहे ऑटो मोबाइल सेक्टर को राहत मिलनी चाहिए।

क‌र्फ्यू से पूर्व ये दिए जा रहे थे ऑफर्स

बीएमडब्ल्यू: 10 से 12 लाख रुपये तक

मर्सिडीज: 8 से 10 लाख रुपये तक

ऑडी: 12 से 15 लाख रुपये तक

मारुति:  30 से 50 हजार रुपये तक

होंडा: 40 से 50 हजार रुपये तक

बीएस-6 के बाद महंगी होंगी कारें

करेटा - 80 हजार रुपये

इनोवा - 50 से 70 हजार रु तक

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