जागरण संवाददाता, लुधियाना : कोरोना महामारी के चलते सूबे में लगे क‌र्फ्यू से उद्योग व्यापार बंद हैं। ऐसे में पंजाब सरकार ने बिजली बिलों में राहत दी है। इसे लेकर उद्यमी आर्थिक सुकून महसूस कर रहे हैं। साथ ही उनका ये भी कहना है कि सरकार उद्योग जगत को अलग से भी राहत पैकेज दे। इससे उद्यमी मौजूदा चुनौतियों का सही ढंग से मुकाबला कर सकेंगे। वित्तीय देनदारी कुछ समय के लिए टलीं : केके गर्ग

नार्दर्न इंडिया इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन के प्रधान केके गर्ग ने कहा कि सरकार ने 23 मार्च से 23 मई तक दो माह के लिए फिक्सड चार्जेज खत्म कर दिए हैं। इससे काफी राहत मिली है। पहले यदि फैक्ट्री नहीं चलती थी, तो भी 300 रुपये प्रति केवीए के हिसाब से फिक्सड चार्जेज लगते थे। मसलन उनका बिजली कनेक्शन 5500 केवीए का है। उन्हें प्रति माह 16.50 लाख रुपये के फिक्सड चार्जेज लगते थे, अब वे दो माह के लिए माफ हो गए हैं। साथ ही बिजली बिलों की अदायगी को भी 20 अप्रैल तक टाला गया है। इससे भी वित्तीय देनदारी कुछ वक्त के लिए टल गई हैं। उन्होंने कहा कि अब जितनी बिजली जलेगी, उतना ही बिल आएगा।

सरकार ने इंडस्ट्री का बोझ हल्का किया : उपकार सिंह आहूजा

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल अंडरटेकिग्स के प्रधान उपकार सिंह आहूजा ने भी बिजली में राहत देने पर सरकार के फैसले का स्वागत किया है। आहूजा ने कहा कि क‌र्फ्यू के कारण सभी कारोबार बंद हैं। ऐसे में लाखों के बिल देने में दिक्कत आ रही थी। सरकार ने राहत देकर इंडस्ट्री का बोझ कुछ वक्त के लिए हल्का किया है।

आखिर सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं की सुनी : सेठ व कुलार

फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल आर्गनाइजेशन के चेयरमैन केके सेठ व प्रधान गुरमीत कुलार ने भी बिजली पर मिली राहत पर तसल्ली जताई है। उन्होंने कहा कि बिजली के बिलों की अदायगी में राहत के लिए उद्यमी लंबे अर्से से मांग कर रहे थे। इस बारे में फीको ने बकायदा ज्ञापन भी दिए। अब सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं की सुन ली है। उन्होंने कहा कि फिक्सड चार्जेज को कम से कम छह माह के लिए लंबित किया जाए, क्योंकि इंडस्ट्री को सामान्य होने में लंबा वक्त लग सकता है। लंबे समय से चली आ रही मांग हुई पूरी : राजन गुप्ता

लुधियाना फोकल प्वाइंट एसोसिएशन फेस 4ए के प्रधान राजन गुप्ता ने भी सरकार के इस कदम को उचित बताया है। उनका कहना है कि इंडस्ट्री की लंबे अर्से से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। सरकार को दो तीन माह की बजाये कम से कम एक साल के लिए राहत देनी होगी, क्योंकि मौजूदा दौर के बाद फिर से उबरने में उद्यमियों को काफी वक्त लगेगा।

Posted By: Jagran

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