जागरण संवाददाता, लुधियाना : किसी भी फिल्म का ट्रेलर देख उस फिल्म के बारे राय बनाना गलत है। जरूरी है कि फिल्म को देखा जाए और उसमें दिया गया संदेश समझें। यह बात अभिनेता सिप्पी गिल और प्रेरित कमल ने कही। वे अपनी नई फिल्म मरजाने को लेकर शहर के एमबीडी माल पहुंचे थे।

एक सवाल के जवाब में सिप्पी गिल ने कहा कि पंजाबी फिल्मों में दिखाई जाने वाली लड़ाई में अकसर कहा जाता है कि इसमें लड़ाई ही लड़ाई दिखाई गई है, जबकि फिल्म संदेश देने वाली ही होती है। अगर यही चीजें हालीवुड या बालीवुड में दिखाई जाए तो लोगों का नजरिया ऐसा नहीं होता। दस दिसंबर को रिलीज होने वाली फिल्म के बारे में बताते कलाकारों ने कहा कि फिल्म में कुछ दोस्तों को दिखाया गया है जो कि शरारतों-शरारतों में गुनाह कर जाते हैं, जिसके चलते उनकी जिदगी भी बदल जाती है। कानून के डर से सभी दोस्त वापस नहीं आते और परिवार उनसे मिलने तक के लिए तरसता है। फिल्म जहां संदेश देगी, वहीं एक्शन भी भरपूर देखने को मिलेगा।

28 दिनों में तैयार हुई फिल्म

फिल्म के निर्देशक और कई हिट गीत देने वाले अमरदीप सिंह गिल ने कहा कि फिल्म 28 दिनों में बनकर तैयार हो गई। फिल्म की शूटिग बठिडा, चंडीगढ़ और राजस्थान में हुई है। फिल्म में छह गीत भी है। इसके साथ ही फिल्म के अन्य कलाकारों में कुल सिद्धू, सोनप्रीत जवंदा, रमनदीप ढिल्लो, परमवीर, रतन दिड़बा और बलविदर धालीवाल भी हैं।

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