लुधियाना, [मुनीष शर्मा]। गारमेंट्स इंडस्ट्री के लिए यह अच्छी खबर है। धागा खरीदने के लिए लुधियाना में पंजाब के पहले यार्न बैंक की शुरुआत की गई है। इंडस्ट्री को बिचौलियों से बचाने और थोक में धागा खरीदने में अब काफी सुविधा होगी। इसके तहत रीजनल कार्यालय टैक्सटाइल कमिश्नर अमृतसर की ओर से एक एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) का गठन किया गया है, जिसमें लुधियाना के 13 सदस्यों को लिया गया है, जो एक साथ मिलकर धागे की परचेजिंग करेंगी और इसकी खपत कर इनपुट कास्ट को कंट्रोल करेंगी। इस स्कीम में एसपीवी को तीन साल के लिए बिना किसी ब्याज के दो करोड़ रुपये दिए गए हैं। अगर हर साल इस पैसे की तीन से चार बार ट्रांजेक्शन हुई, तो विभाग तीन साल बाद भी इसे दोबारा अप्रूव कर सकता है। गौरतलब है कि लुधियाना में पंजाब के पहले यार्न बैंक की शुरुआत होने से यहां पर उद्योगों को बिचौलियों से बचाने में मदद मिलेगी और उद्योगपतियों को इससे काफी फायदा पहुंचेगा। 

इन कंपनियों को बैंक में किया गया है शामिल

यार्न बैंक में 13 कंपनियों को शामिल किया गया है। इसमें पावरलूम आंत्रप्रिन्योर, संजीव हैंडलूम शॉल, अनव पॉलीटेक्स, श्री गणोश इंटरप्राइजिज, एके हैंडलूम इंडस्ट्री, गुप्ता वेfवग एवं होजरी फैक्टरी, सनराइस इंटरप्राइजिज, सनशाइन पॉलीटेक्स, स्टार फैब्रिक, मिशिका ट्रेfडग कंपनी, वीके इंडस्ट्री, वूल इंडिया, एसएलजे फैब्रिक शामिल हैं।

 

 

स्कीम में आधा पैसा टैक्सटाइल मंत्रलय का

 

वर्ष 2011-12 की इस स्कीम को लेकर पंजाब में पहला यार्न बैंक बनाया गया है। टैक्सटाइल कमिश्नर लुधियाना कार्यालय के डिप्टी डायरेक्टर इकबाल अहमद के मुताबिक लुधियाना में 13 उद्यमियों को यार्न बैंक एसपीवी बनाई गई है। इसमें दो करोड़ रुपये एसपीवी और दो करोड़ रुपये विभाग की ओर से दिए जाएंगे। इस पैसे का खर्च कंपनियों से सीधे यार्न खरीद पर किया जाएगा, ताकि बिचौलियों से बढ़ने वाली इंडस्ट्रियल इनपुट कास्ट को बचाया जा सके। इस स्कीम के तहत तीन साल के लिए पहले यह पैसा उपलब्ध करवाया जाएगा। सुचारु रुप से इस्तेमाल होने पर इसे आगे के लिए बढ़ा दिया जाएगा।

 

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Posted By: Sat Paul

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