जागरण संवाददाता, पटियाला। Punjab Power Crisis: राज्य के थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी (Coal Crisis) अब भी बरकरार है। बिजली की सप्लाई और मांग में करीब दो हजार से अधिक मेगावाट का अंतर है। सोमवार को पंजाब के थर्मल प्लाटों के पास 13 रैक कोयला पहुंचा था। मौजूदा स्थिति के अनुसार थर्मल प्लाटों में एक से डेढ़ दिन का कोयला शेष बचा है। 15 रैक कोयला खानों से पंजाब आने के लिए लोड हो गया है। पंजाब के पांच थर्मल प्लांटों के 15 में से 11 यूनिट चालू हो गए हैं, जबकि 4 बंद हैं। सोमवार को 10 यूनिट चालू थे।

मंगलवार को रोपड़ प्लांट में एक यूनिट और चालू कर दिया गया है। कोयले की कमी के कारण रोपड़, लहरा मोहब्बत, तलवंडी साबो व गोइंदवाल में एक-एक यूनिट अब भी बंद है। मंगलवार को बिजली की अधिकतम मांग 9214 मेगावाट दर्ज की गई है। सोमवार को अधिकतम मांग 11046 मेगावाट थी। बिजली की मांग घटने के बावजूद संकट बरकरार है। आने वाले कुछ दिनों में 52 रैक कोयला पंजाब पहुंचने की संभावना है। यदि कोयला पहुंचने में लेट हुआ तो बिजली संकट और गहरा सकता है।

दूसरी तरफ पंजाब में बिजली संकट को देखते हुए पावरकाम ने 25.91 मिलियन यूनिट बिजली 14.06 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी है। इसकी कीमत 36.42 करोड़ रुपये है। इसके बावजूद बिजली की सप्लाई पूरी करने में पावरकाम अब भी नाकाम रहा है। मंगलवार को भी कई जिलों में दो से छह घंटे तक कट लगे हैं।

किसानों ने पावरकाम के मेन गेट को जड़ा ताला

लहरागागा : खेतों के लिए पर्याप्त बिजली सप्लाई न मिलने पर किसानों ने मंगलवार को लहरागागा में पावरकाम के दफ्तर के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। ऐसे में करीब 60 कर्मचारी बाहर बैठे रहे। किसानों ने एलान किया कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।

संकट हल न हुआ तो जनआंदोलन करेगा शिअद

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल ने बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत सरकार पर हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि जल्द ही कोर कमेटी की मीटिंग बुलाकर फैसला करेंगे कि बिजली आपूर्ति में सप्ताह भर में सुधार न हुआ और कोयले का प्रबंध न किया तो जनआंदोलन किया जाएगा।

 

Edited By: Vipin Kumar