मुनीश शर्मा, लुधियाना। तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद पंजाब के कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। उद्योगपतियों और व्यापारियों ने इसको व्यापार के लिए सकारात्मक पहलू बताया। उन्होंने आने वाले दिनों में कारोबार दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई है। किसान आंदोलन के चलते पिछले कई महीनों से पंजाब में दूसरे राज्यों से कारोबारियों का आने जाने का सिलसिला कम हो गया था। इसके साथ ही पंजाब से दूसरे राज्यों को भेजे जाने वाले मटीरियल के लिए दो चार होना पड़ रहा था। अब किसान आंदोलन के खत्म होने की सूरत में पंजाब के उद्योग को पंख लग जाएंगे।

होजिरी इंडस्ट्री को स्टाक क्लीयरेंस की आशा

इस समय हौजरी का सीजन है और इस साल सर्दी भी समय पर है। इसको लेकर लुधियाना के कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। इस साल स्टाक क्लीयरेंस होने की उम्मीद है। इसके साथ ही बात साइकिल, ट्रैक्टर पार्ट्स, हैंडटूल, मशीनरी उद्योग की करें, तो इसकी बिक्री पर भी अच्छा असर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही लुधियाना के होलसेल बाजारों में भी कई महीनों से कम हुआ कारोबार दोबारा पटरी पर लौट सकता है। ऐसे में कारोबारियों ने आर्थिक दृष्टी से भी इस किसान आंदोलन के जलद समाप्त होने से खुशी की लहर है।

पंजाब के कारोबार को होगा लाभ

निटवियर क्लब के प्रधान दर्शन डावर के मुताबिक तीन कृषि कानून रद होने से सबसे अधिक लाभ पंजाब के कारोबार को होगा। क्योंकि इन दिनों मे पंजाब में दूसरे राज्यों से आने वाले व्यापारियों की तदाद बेहद कम हो गई थी। इसी के चलते इस साल विंटर फोरकास्ट प्रदर्शनियां भी नहीं लग पाई और कारोबारियों को ट्रेडर्स के पास खुद जाकर आर्डर बुक करने पड़े। वहीं अभी शहर के होलसेल बाजारों में भी उत्साह तेज होगा और बिकवाली बढ़ने से कारोबार तेज होगा। इससे आने वाले वर्ष में कारखानों के प्रोडक्शन के पहिए भी तेजी से घूमेंगे।

साइकिल इंडस्ट्री के लिए अच्छे संकेत

यूनाइटेड साइकिल एवं पार्टस मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन के प्रधान डीएस चावला ने कहा कि सरकार का फैसला प्रशंसनीय है। क्योंकि आंदोलन से जहां किसानों को समस्या हो रही थी। वहीं व्यापार पर भी इसका सबसे बुरा प्रभाव पड़ा। एक साल से चल रहे इस आंदोलन से पंजाब के कारोबार को करोड़ों का घाटा सहना पड़ा। साइकिल इंडस्ट्री के लिए अब आने वाले समय में अच्छे संकेत है। ग्लोब ट्रांसपोर्ट सर्विस के एमडी विकास अग्रवाल के मुताबिक इस फैंसले ने ट्रासपोर्ट का चक्का तेज होगा। पहले कई जगह आंदोलन के चलते एक लंबे रूट पर दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय लगता था। इसके साथ ही पिछले कुछ महीनों से कम प्रोडक्शन और मांग से लोडिंग कम हो रही थी। इस फैंसले से ट्रांसपोर्ट पुराने दौर में लौट पाएगी।

Edited By: Pankaj Dwivedi