यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Grains Transportation Scam: डायरी के बाद अब चर्चा में बैग; जानिए क्या है पूर्व मंत्री आशु के PA से कनेक्शन
Grains Transportation Scam बहुचर्चित अनाज घाेटाले में अब एक बैग खासा चर्चा में आ गया है। एक वीडियाे इंटरनेट मीडिया ...और पढ़ें

जासं, लुधियाना। Punjab Grain Lifting Scam अनाज ढुलाई घाेटाले में डायरी के बाद अब एक बैग चर्चा में आया है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस के हाथ एक वीडियो लगी है जिसमें पूर्व मंत्री आशु का बेहद करीबी व पीए के तौर पर काम करने वाला इंद्रजीत सिंह इंदी किसी अज्ञात व्यक्ति से एक बड़ा बैग लेते दिख रहा है। अदालत में पेशी के दौरान विजिलेंस ने इस बैग के बारे में अदालत को बताया। अब इस केस में इंदी को भी नामजद कर लिया गया है। विजिलेंस को शक है कि इस बैग में रुपये थे।
हालांकि आशु के वकीलों ने कहा कि इससे भी आशु का क्या संबंध हो सकता है। बैग लिया किसी ने, दिया किसी ने, तो विजिलेंस आशु से इस बारे में क्या पूछताछ करेगी। बताया जा रहा है कि बीती 22 अगस्त को जब विजिलेंस आशु के घर छापामारी कर रही थी यह वीडियो उस समय का है। यह रिकार्डिंग कृष्णा मंदिर के आसपास के सीसीटीवी कैमरे से ली गई है। गौरतलब है कि इससे पहले ठेकेदार तेलू राम के पास से मिली एक डायरी भी चर्चा में आई थी।
मीनू मल्होत्रा ने बनाई छह संपत्तियां: विजिलेंस
इस बार अदालत के सामने विजिलेंस ने अनाज ढुलाई के टेंडरों के अलावा मीनू मल्होत्रा द्वारा पिछले कुछ समय में बनाई गई जायदाद के बारे में भी पूछताछ की गई है। जांच में मीनू मल्होत्रा की छह जगह प्रापर्टी सामने आई है जो उसके, पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर है। यह सभी इमारतें उस समय के दौरान ही बनी हैं, जब अनाज ढुलाई के टेंडर दिए गए थे। विजिलेंस ने कहा कि मीनू मल्होत्रा आशु का पीए था। उसके जरिये ही पैसों लेनदेन हुआ था। विजिलेंस ने इस दौरान अदालत से आशु को सात दिन पर रिमांड पर भेजने की मांग की।
बलविंदर सेखों ने साथियों सहित की नारेबाजी
बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों भी अपने साथियों के साथ अदालत परिसर में पहुंचे थे। उन्हें गेट से कुछ दूरी पर रोक दिय गया। जब आशु को पेशी से वापस लाया गया तो सेखों ने आशु के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सेखों भी अदालत की कार्यवाही के लिए अंदर जाना चाहते थे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी।
