जागरण संवाददाता, लुधियाना : जिस तरह से सुसाइड की घटनाएं बढ़ रही हैं, उन्हें देखते हुए पंजाब सरकार स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी बनाने पर काम कर रही है। इससे मानसिक रोगियों को काफी राहत मिलेगी। यह जानकारी इंटरनेशनल टेली साइकोलॉजी एसोसिएशन व रीफोक्स फाउंडेशन के प्रेजीडेंट डॉ. डीजे सिंह ने दी।

वे सोमवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में व‌र्ल्ड सुसाइड प्रीवेंशन डे को लेकर आयोजित पैनल डिस्कशन में बतौर निर्णायक के तौर पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में द मेंटल हेल्थ केयर एक्ट लागू हो चुका है। इस एक्ट के क्लाज नंबर 115 में गवर्नमेंट ने कानून बना दिया है कि यदि कोई सुसाइड करने की कोशिश करता है तो उस पर एक्शन नहीं होगा बल्कि गवर्नमेंट की जिम्मेवारी है कि उसे केयर, ट्रीटमेंट और रिहेबिलिटेशन करवाए। हालांकि, लोगों को इस नए नियम के बारे में जानकारी नहीं होने से वे लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

द मेंटल हेल्थ केयर एक्ट के अंतर्गत ही नेशनल लेवल पर सेंट्रल मेंटल हेल्थ अथारिटी व राज्य स्तर पर स्टेट मेंटल हेल्थ अथारिटी बनाई जानी है। पंजाब गवर्नमेंट इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही यह अथारिटी बन जाएगी, जिससे मानसिक रोगों से जूझ रहे लोगों को काफी मदद मिलेगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह अथारिटी काम कैसे करेगी। मेंटल हेल्थ को भी इंश्योरेंस में शामिल किया जाएगा

डॉ. डीजे सिंह ने कहा कि इश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डवलपमेंट अथारिटी ऑफ इंडिया (आइआरडीए)की ओर से इंश्योरेंस कंपनियों को एक नए दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके तहत आइआरडीए ने इंश्योरेंस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने इंश्योरेंस प्लान में मेंटल हेल्थ को भी शामिल करे। यह प्लान ओपीडी व इंडोर दोनों तरह से होना चाहिए। डॉ. डीजे सिंह ने कहा कि आइआरडीए ने यह कदम मानसिक रोगों में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए उठाया गया है।

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