जागरण संवाददाता, खन्ना: लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी ही पार्टी के विधायकों के खिलाफ जातीय भेदभाव का आरोप लगाने वाले खन्ना जिला कांग्रेस प्रधान सुखदीप सिंह किशनगढ़ सियासी चक्रव्यूह में में फंस गए हैं। पंजाब कांग्रेस के महासचिव संदीप सिंह संधू की तरफ से जिला कांग्रेस प्रधान सुखदीप सिंह को जारी एक पत्र में उनके द्वारा जिलास्तर पर की गई नियुक्तियों संबंधी जवाब-तलबी की गई है।

उन्होंने पत्र में कहा है कि पार्टी के दफ्तर सैक्टर-15 चंडीगढ़ में एक शिकायत प्राप्त हुई है। इसमें बताया है कि आपकी तरफ से जिला पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। जिला कांग्रेस समिति के पदाधिकारियों की नियुक्ति करने से पहले प्रदेश प्रधान से मंजूरी लेनी होती है, जो सुखदीप की तरफ से नहीं ली गई।

पत्र में आगे रहा गया है कि पार्टी प्रधान की मंजूरी से आधार नियुक्ति पत्र जारी करना अनुशाशनहीनता है। जो कोई भी नियुक्तियां पार्टी की प्रधान की मंजूरी के बिना की गई हैं, वह तुरंत प्रभाव से रद की जातीं हैं। इसके साथ ही मामले में अपना पक्ष रखने के लिए सुखदीप को 7 दिन का समय दिया गया है। यह भी पूछा गया है कि क्यों ना उनके खिलाफ पार्टी की तरफ से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कोई नियम नहीं तोड़ा : किशनगढ़

जिला कांग्रेस प्रधान सुखदीप सिंह किशनढ़ ने कहा कि कारण बताओ नोटिस संबंधी वे पंजाब कांग्रेस के प्रधान और राहुल गांधी से मिलेंगे। उन्होंने पार्टी का विस्तार करने और वर्करों का हौसला बढ़ाने के लिए नियुक्तियां की हैं। कोई भी काम अनुशासन और नियम का उल्लंघन कर नहीं किया।

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Posted By: Jagran