जागरण संवाददाता, बठिंडा। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) के किसान नेताओं ने एक बार फिर दोहराया है कि न तो वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और और न ही किसी भी राजनीतिक पार्टी या किसानों के मोर्चे को सहयोग दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव शिंगारा सिंह मान ने कहा कि हमारी यूनियन केवल इस बात पर ही विश्वास रखती है कि जो भी मांगे हैं वह संघर्ष करने के बाद ही मनवाई जा सकती हैं। सभी राजनीतिक पार्टियां एक जैसी हैं, जिसे गद्दी मिल जाती है वही तानाशाह बन जाती है। इसलिए हम किसी भी राजनीतिक पार्टी को चुनाव में सहयोग नहीं देंगे।

किसानों के संयुक्त समाज मोर्चा को लेकर उन्होंने कहा कि वह इस मोर्चे का हिस्सा नहीं हैं और न ही चुनाव में उनका समर्थन करेंगे। वह लोगों को जागरूक करेंगे कि अपने हक हमेशा संघर्ष करके ही प्राप्त किए जा सकते हैं, जैसे कि हाल ही में हमने दिल्ली में मोर्चा फतेह किया है। हम न तो संयुक्त समाज मोर्चा का समर्थन करेंगे और न ही विरोध करेंगे। शिंगारा सिंह मान ने कहा कि उनका संगठन 15 जनवरी को किसानों से जुड़े तमाम मुद्दों पर अब तक हुई प्रगति पर चर्चा करने के लिए 15 जनवरी को बुलाई गई बैठक में जरूर शामिल होगा।

मुकाबला मूसेवाला से हो चन्नी से, चुनाव जरूर लड़ूंगा : रुलदू

मानसा। पंजाब किसान यूनियन के अध्यक्ष रुलदू सिंह ने एलान किया है कि वह हर हाल में मानसा से ही चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने इस बारे में मोर्चे के साथियों को बता दिया था कि भले ही मेरा मुकाबला सिद्धू मूसेवाला से हो या मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से, भले राहुल गांधी ही यहां आकर चुनाव लड़ लें। मैं मानसा से ही चुनाव लड़ूंगा। अब भले ही मोर्चे के साथी मेरी बात से सहमत हों या न हों, मैं हर हाल में मानसा से ही चुनाव लड़ूंगा।

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Edited By: Vipin Kumar