जागरण संवाददाता, लुधियाना : नगर निगम में सीवरमैन, सफाई कर्मचारी संघर्ष कमेटी के बैनर तले बुधवार को निगम मुख्यालय में रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। संघर्ष कमेटी सीवरमैन, सफाई कर्मचारियों, माली, बेलदार, ड्राइवरों इत्यादि को पक्का कराने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कमेटी ने इससे पहले निगम प्रशासन को तीन दिन का नोटिस दिया था, उसकी अवधि खत्म होने के बाद आज रोष प्रदर्शन किया गया। कमेटी सफाई कर्मियों को आउटसोर्स पर रखने के भी खिलाफ है। रोष प्रदर्शन में बड़ी संख्या में निगम के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंच कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।

संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने 13 अप्रैल को निगम को एक पत्र जारी किया था, इसमें निगम को निर्देश दिए थे कि काम कर रहे कर्मियों को पक्का किया जाए। लेकिन मेयर एवं निगम कमिश्नर ने इस निर्देश का पालन नहीं किया। पिछली कांग्रेस सरकार की ओर से कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का करने के नियुक्ति पत्र भी जारी किए गए थे। फिर भी निगम ने कर्मियों को पक्का नहीं किया। साफ है कि निगम कर्मियों के हितों पर आघात किया जा रहा है। इससे संघर्ष कमेटी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदर्शन में ऐलान किया गया कि एक जुलाई को सरकार के खिलाफ पुतला फूंक प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा सड़क पर जाम भी लगाया जाएगा। संघर्ष कमेटी ने इस पर भी चिता जताई कि शहर के किसी भी विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान सीवरमैन एवं सफाई कर्मचारियों की दिक्कतों को नहीं उठाया। संघर्ष कमेटी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कर्मियों को तुरंत पक्का न किया तो लड़ाई और तेज की जाएगी।

कमेटी का कहना है कि एटूजेड के तहत काम करने वाले कर्मियों को भी निगम के तहत लाया जाए। वरिष्ठता के आधार पर सेनेटरी सुपरवाइजर रखे जाएं, कर्मियों के ट्रेनिग की अवधि को एक साल किया जाए। डीसी रेट पर काम करने वाले कर्मी की मौत पर उसके परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए। इसके अलावा निगम में खाली पद भरे जाएं। संघर्ष कमेटी ने सरकार को एक दिन का और अल्टीमेटम दिया है। इस अवसर पर नरेश धींगान, विजय दानव, चौधरी यशपाल, समय सिंह बिरला, राजिदर हंस, लव द्रविड़, जसवीर लवण, अक्षय राज, सुधीर धारीवाल, पिका चंडालिया, विनोद अख्तर, राहुल पुहाल, शिव कुमार, गुरजीत सिंह, बबलू दिसावर, राजीव कुमार, अशोक दैत्य समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।

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