लुधियाना, जेएनएन। चार साल लगातार नुकसान सहने के बाद चालू सीजन में आलू उत्पादकों को अच्छे रेट मिलने लगे हैं। फिलहाल फार्म पर उत्पादकों को आलू का रेट नौ से साढ़े नौ रुपये प्रति किलो मिल रहा है। ऐसे में उत्पादकों को खासा मुनाफा हो रहा है। उनका कहना है कि इस बार पुराना घाटा पूरा होने की उम्मीद है।

उत्पादक यह भी मानते हैं कि आने वाले वक्त में भी रेट मजबूत रहेंगे। पश्चिम बंगाल एवं उत्तर प्रदेश से 15-20 दिन बाद आने वाली फसल बाजार का रुख तय करेगी। कन्फेडरेशन ऑफ पोटैटो सीड्स फार्मर्स के प्रधान सुखजीत सिंह भट्टी का कहना है कि पिछले चार साल में आलू उत्पादकों को नुकसान झेलना पड़ा है। इस बार आलू के रकबे में करीब 15 फीसद की कमी आई है। दिसंबर में लगातार मौसम अनुकूल नहीं रहा। इसका झाड़ पर भी असर पड़ा। इस बार झाड़ भी करीब दस से 15 फीसद तक कम है। साफ है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने के चलते बाजार में आलू की कीमत मजबूत बनी हुई है।

भट्टी ने कहा कि उत्पादकों की लागत करीब छह रुपये प्रति किलो है और रेट नौ से साढ़े नौ रुपये मिल रहा है। इससे उत्साह बढ़ रहा है। पंजाब का 80 फीसद आलू सीड के तौर पर उपयोग होता है। उम्मीद है कि सीड के रेट भी इस बार अच्छे मिलेंगे। किसानों को इस बार काफी राहत मिल स‍कती है।

मुंह मोड़ने लगे थे निराश

इससे पहले आलू के अच्छे दाम न मिलने के कारण किसान वर्ग काफी निराश था। आलू की फसल उगाने के बाद किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा था, जिसकी वजह से आलू की खेती से किसान मुंह मोड़ने लगे थे। इस सीजन में आलू के अच्छे रेट मिलने कारण उत्पादकों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों को उम्मीद है कि इस सीजन में उनके नुकसान की भरपाई हो सकेगी। 

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Posted By: Sat Paul

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