लुधियाना, जेएनएन। अकालगढ़ मार्केट में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर और दुकानदार के झगड़े के बाद एसएचओ की तरफ से जेई का बाजार में कालर पकड़ना महंगा पड़ गया। भड़के बिजली मुलाजिमों ने थाने की बिजली तक काट दी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में एसीपी बीच में पड़े और दोनों पक्षों में समझौता करवाया। बिजली मुलाजिमों की ओर से थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया गया है।

बताया जा रहा है कि थाने का बिजली बिल भी कार्पोरेशन की ओर बकाया है जिस कारण पुलिस सीधे तौर पर कार्पोरेशन पर कार्रवाई से बच रही है और इस संबंधी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। जानकारी देते हुए जूनियर इंजीनियर गब्बर सिंह का कहना है कि उनका अकालगढ़ मार्केट के पास शिकायत निवारण कार्यालय है। कार्यालय के सामने एक दुकानदार की ओर से अपना वाहन खड़ा किया गया था। जब उसने वाहन साइड पर करने को कहा तो उसने उनके साथ दु‌र्व्यवहार करना शुरू कर दिया। उसने इस संबंधी अपने सीनियर अधिकारियों को बता दिया।

जेई के अनुसार इसी बीच दुकानदार ने थाना कोतवाली पुलिस को बता दिया। थाने से आए एसएचओ ने उसे कॉलर से पकड़ लिया और जबरदस्ती थाने ले जाने लगे। इस पर उसने खुद को कर्मचारी बताया तो उसे छोड़ा गया। जैसे ही उसने इस संबंधी अपने साथी कर्मियों को बताया कि वे थाने के सामने एकत्र हो गए। रोष स्वरूप उन्होंने थाने की बिजली सप्लाई काट दी। बाद में एसीपी वरियाम सिंह मौके पर पहुंचे ओर कर्मचारियों से बात की और दोनों पक्षों मे समझौता करवा दिया। इसके बाद रात साढ़े नौ बजे बिजली का कनेक्शन तो जोड़ दिया गया मगर कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है। पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि थाने का चार लाख रुपए का बिल भी पावर कार्पोरेशन की तरफ पेंडिंग पड़ा है।

थाना प्रभारी बोले, नहीं किया दु‌र्व्यवहार

थाना प्रभारी राजवंत सिंह के साथ बात की तो उनका कहना है कि इस तरह का कुछ भी नहीं हुआ है। उन्होंने किसी से दु‌र्व्यवहार नहीं किया है और न ही किसी ने थाने की बिजली काटी थी। एसीपी वरियाम सिंह ने इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया है। उनका कहना था कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है।

 

 

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