जेएनएन, श्री माछीवाड़ा साहिब! माछीवाड़ा मंडी में धान की आमद तेज होती जा रही है। हालांकि किसानों की तरफ से लाए जा रहे धान में नमी की मात्रा अधिक होने से आढ़ती बेहद परेशान हैं क्योंकि शैलर मालिकों ने नियमों अनुसार 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की फसल मिलिंग के लिए उठाने से इंकार किया है। माछीवाड़ा मंडी और इसके उप खरीद केंद्र हेडों बेट, शेरपुर बेट और बुर्ज पवात में 5 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है और शैलर मालिकों द्वारा हड़ताल खोलने के बाद लिफ्टिंग के काम में भी तेजी आई, परंतु फिर भी शैलर मालिक वही धान की फसल उठा रहे हैं जिसमें नमी की मात्रा 17 से 18 प्रतिशत है।

माछीवाड़ा मंडी में पिछले 2-3 दिनों से किसान जो धान ला रहे हैं, उस में नमी की मात्रा 20 से 23 प्रतिशत आ रही है जो बिक्री योग्य नहीं होता। इसलिए आढ़तियों द्वारा पहले लेबर को 2-3 दिन लगाकर यह धान सुखाया जाता है। उसके बाद खरीद एजेंसियों द्वारा भाव लगाने के बाद उसे बोरियों में भरा जाता है। यह अधिक नमी वाला धान आढ़तियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है, क्योंकि पहले ही मंडी में जगह की कमी है और ऊपर से यह धान सुखाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

माछीवाड़ा सच्चा सौदा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरजिंदर सिंह खेड़ा ने बताया कि कुछ किसान गेहूं की बिजाई के लिए जल्दबाजी कर रहे हैं और गीला धान ही मंडी में ला रहे हैं। इससे आढ़तियों और किसान दोनों को ही परेशानी हो रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि जब तक धान पूरी तरह सूख नहीं जाता तो उसकी कटाई न करें। दूसरी तरफ शैलर एसोसिएशन के प्रधान रुपिंदर सिंह बैनीपाल ने कहा कि 17 फीसद से अधिक नमी वाला धान मिलिंग के लिए उनके लिए घाटे वाला सौदा है, इसलिए मंडियों से केवल सुखाया धान ही उठाया जाएगा।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!