जागरण संवाददाता, लुधियाना। 96 इंच की थाली जिसमें परोसी गई 28 राज्यों की 270 डिशिज। अब तक न तो एेसा रिकार्ड पहले बना और न ही इसकी किसी ने कोशिश की। थाली में अतुल्नीय भारत की झलक दिखी, इसे तैयार कर दिखाया पीसीटीई ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नालाॅजी विभाग के विद्यार्थियों ने। दोनों विभाग के दौ सौ विद्यार्थियों ने वर्ल्ड की सबसे बड़ी थाली तैयार कर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है।

विभाग के प्रमुख की माने तो विद्यार्थियों की ओर से तैयार की गई थाली किसी कंपीटिशन के तहत नहीं थी, हालांकि महाराष्ट्र में इससे पहले 56 डिशिज के साथ तीस इंच की थाली तैयार की जा चुकी है। इस मौके पर मुख्य मेहमान के तौर पर इंस्टीट्यूट में डीसी प्रदीप अग्रवाल, कमांडिंग आफिसर आईटीबीपी सुदेश कुमार पहुंचे, जिनका स्वागत डायरेक्टर जनरल डॉ. केएनएस कंग ने किया। वहीं थाली में परोसे गए व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए शेफ वरिंदर राणा, सेलिब्रिटी शेफ नीलू कौड़ा, शेफ परमजीत और शेफ हितेश अरोड़ा पहुंचे।


थाली में यह तैयार की गई 270 डिशिज
विद्यार्थी बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे से ही डिशिज तैयार करने में जुटे रहे, जिसका थाली में केवल डिस्पले किया गया। थाली में आंध्र प्रदेश की वेज हैदराबादी बिरयानी, मिर्ची का सालन, खुबानी का मीठा, अरूणाल प्रदेश का लक्सा नूडल सूप, पिका पिला, चूरा सब्जी, बिहार का सत्तू परांठा, दाल पूरी, असम का प्लेन राइस, मसूर तेंगा, छत्तीसगढ़ का दाल चिल्ला, दुबकी कड़ी, दिल्ली की आलू टिक्की चाट, गोल गप्पे, गोवा का चिकन कैफरियल, मटन विंदालो, गुजरात की खांडवी, हरियाणा का घेवर, मेथी गाजर की सब्जी, जम्मू और कश्मीर का कावा, झारखंड का चोखा, केरल का अपम, मालाबार परोठा, महाराष्ट्र का पाव भाजी, अमती दाल, मध्य प्रदेश की पालक पूरी, मणिपुर का चक-हू, उड़ीसा की भोग खिचड़ी, पंजाब की दाल मखनी और नान, राजस्थान का चूरमा, गट्टे करी, तमिलनाडू का डोसा, बेस्ट बंगाल का लुची, त्रिपुरा का मुई बोरोक आदि शामिल रहा।

तैयार कर चुके हैं 1241 वेरायटी के परांठे
पिछले साल अगस्त माह में इंस्टीट्यूट के विद्यार्थी नौ मिनट दस सेकेंड के समय में 1241 वेरायटी के परांठे तैयार कर रिकार्ड बना चुके हैं। इसमें भी विभिन्न राज्यों के परांठों की विभिन्न किस्में शामिल रही थी।

Posted By: Vikas Kumar

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