जागरण संवाददाता, लुधियाना। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की उच्च शिक्षण संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग जारी हो गई है। एनआइआरएफ रैंकिंग में यूनिवर्सिटीज कैटागिरी में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय 75 वें स्थान पर है। जबकि 2018 की रैंकिंग में पीएयू 60वें स्थान और वर्ष 2017 की रैंकिंग में 45वें स्थान पर रहा था। ऐसे में इस बार पीएयू की रैंकिंग में आई इस गिरावट को देखकर अधिकारी हैरान है। उन्हें यकीन नहीं हो पा रहा कि पीएयू की रैंकिंग गिरी है, क्योंकि पिछले दो सालों के दौरान पीएयू ने शोध के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की है।

यहीं नहीं, इस साल तो पीएयू के वीसी डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों को पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया है। ऐसे में रैंकिंग में आई गिरावट को लेकर मंगलवार को पीएयू प्रशासन की ओर से समीक्षात्मक मीटिंग की गई। जिसमें रैंकिंग में गिरावट आने के कारणों को खंगाला गया। पीएयू के वीसी डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों ने कहा कि इस रैंकिंग को लेकर मंथन किया और पाया कि प्लेसमेंट, एलुमनी कनेक्ट में कमजोर हैं। हालांकि रिसर्च और प्रोफेशनल प्रेक्टिस में टाप में हैं। लेकिन अन्य यूनिवर्सिटी ग्रेजूएट प्लेसमेंट में हम से मजबूत हैं। अब हम पीएचडी सीट की संख्या बढ़ाएंगे और स्टूडेंट की संख्या बढ़ाने पर काम करेंगे। इसके अलावा एलुमनी और प्लेसमेंट सेल को मजबूत करेंगे।

डीएमसी 28वें और सीएमसी 18 वें स्थान पर
उधर मेडिकल कैटेगिरी में एनआइआरएफ रैंकिंग में दयानंद मेडिकल कालेज ने 28वां रैंक हासिल किया है। जबकि वर्ष 2018 में डीएमसी 14वें पायदान पर था। वहीं दूसरी तरफ एनआइआरएफ रैंकिंग में सीएमसी ने 18 वां स्थान प्राप्त किया। सीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. जयराज ने कहा कि नार्थ वेस्ट में हम टाप रैंक पर हैं। हमने पहली बार द नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के लिए अप्लाई किया। हमारी कोशिश होगी कि हम अगले साल 10 वां स्थान हासिल करें।

Posted By: Sat Paul

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