लुधियाना, जेएनएन। जिले में एक अक्टूबर से धान की खरीद आरंभ है और 19 दिन में 2 लाख 26 हजार 272 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। मंडियों से 1 लाख 18 हजार 478 मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग हो चुकी है। वहीं सरकार की ओर से धान का समर्थन मूल्य 1835 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाने और कुछ धान में नमी की कटौती से किसान नाराज हैं। किसानों का कहना है कि सरकार उनके फसलों का मूल्य निर्धारित करने में राजनीति करती है, जिससे किसानों का दम घुट रहा है। मूल्य कम मिलने और नमी के कारण दो चार किलो की कटौती हो जाने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

वहीं किसानों का आरोप है कि धान बेचने में चार पांच दिन लग रहा है। जिले की मंडियों में व्यवस्थाएं दयनीय हैं, जिससे मंडी में किसानों को काफी परेशानी होती है। किसान अवतार सिंह, दविंदर सिंह, परमजीत सिंह का कहना है कि सरकार उन लोगों से भी जीएसटी व अन्य टैक्स वसूल करती है और मंडियों में पेयजल व टॉयलेट तक का सही इंतजाम नहीं है। बड़ी मंडियों में धान की आवक तेज जिले की बड़ी मंडियों में धान की आवक तेज हो गई और एजेंसियां व आढ़ती धान खरीद में जुटे हैं।

गिल रोड मंडी, जालंधर बाइपास दाना मंडी, हंबड़ा दना मंडी, मुल्लांपुर दाना मंडी आदि में खरीद तेज हो गई है। जिले की 102 मंडियों में से 45 मंडियों में धान की आवक आरंभ हो गई है। फूड सप्लाई इंस्पेक्टर एमएस राय ने बताया कि धान खरीद जारी है, लेकिन मंडियों में गंदगी का अंबार होने से धान खरीद करने में मुश्किलें आ रही है।

मंडी बोर्ड अधिकारी के संग करेंगे मीटिंग

जिला फूड सप्लाई विभाग के अधिकारी सुखविंदर सिंह गिल का कहना है कि मंडियों में व्यवस्था अपडेट है। छुट्टी के दिनों में किसानों को दिक्कत आती है, लेकिन विभाग की कोशिश है किसानों को सुविधा मिले। सफाई और पेयजल आदि की सुविधा मंडी बोर्ड की ओर से होती है। इसके बारे में मंडी बोर्ड के शीर्ष अधिकारी मीटिंग करेंगे।

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