लुधियाना, जेएनएन। शहर में जोमैटो की फर्जी वेबसाइट बनाकर डिलीवरी ब्यॉय की नौकरी देने के नाम पर बैंक खाते से साढ़े बारह हजार रुपये निकालने का मामला सामने आया है। ठगी का शिकार हुआ युवक पलविंदर सिंह 12वीं की परीक्षा दे रहा है और वह परीक्षाओं के बाद काम करना चाहता था। पलविंदर ने बताया कि वह वीरवार को मामले की शिकायत पुलिस में देगा। दूसरी ओर, एडीसीपी साइबर क्राइम सचिन गुप्ता ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।   

पहले टीम व्यूअर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया, फिर फोन रिमोट पर लेकर खाते से पैसे निकाले

दसमेश नगर के पलविंदर सिंह ने बताया कि वह 12वीं की परीक्षा दे रहा है। परीक्षा संपन्न होने के बाद वह कुछ काम करना चाहता था। इसी बीच उसने खाद्य पादार्थ की होम डिलीवरी देने वाली कंपनी जोमैटो में काम करने का मन बनाया था। इसके लिए उसने गूगल पर जोमैटो का हेल्पलाइन नंबर तलाशा तो एक फर्जी वेबसाइट खुली। उसने उस पर दिए गए नंबर पर फोन किया। दूसरी और से बोलने वाले व्यक्ति ने उससे फोन में टीम व्यूयर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया और उसका फोन अपने रिमोट पर ले लिया। बाद में आए ओटीपी से उसके अकाउंट से पांच हजार पचास रुपये निकाल लिए। इसके बाद फोन काट दिया। जब उसके पास पैसे कटने का मैसेज आया तो उसने उसके पास दोबारा फोन किया। इस पर ठग ने उसे बताया कि वह पैसे वापस कर रहा है, इसके लिए एक और ओटीपी आएगा। अनजाने में उसने वह ओटीपी भी उसे दे दिया। फिर, ठग ने दोबारा उसके अकाउंट से 7599 रुपये निकाल लिए। ठगी करने के बाद उसने अपना फोन बंद कर दिया।  
 

ऑफिस का एड्रेस भी गलत

 

जैसे ही अकाउंट से पैसे निकले तो पलङ्क्षवदर ने उक्त नंबर पर बार बार फोन किया और पहले तो किसी ने फोन ही नहीं उठाया जब फोन उठाया गया तो सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि पैसे वापिस दिए जा रहे हैं, इंतजार करें। जब बार बार फोन करने पर भी तस्सली नहीं हुई तो वह दिए गए एड्रेस पर पहुंचे तो वहां कोई जोमेटो का नंबर ही नहीं था। अब उक्त नंबर भी नहीं उठाया जा रहा है।

पहले भी हो चुकी हैं इस तरह से ठगी

सोशल नेटवर्किंग साइट से नंबर लेकर फोन करने पर ठगी होने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। एक ग्राहक ने गैस एजेंसी का नंबर लेकर सिलेंडर भरवाने के लिए संपर्क किया तो उसके अकाउंट से भी पैसे निकल गए थे। इस तरह से मैसेज बाक्स में आने वाले लिंक पर क्लिक करने पर भी इसी तरह से पैसों की लूट हो रही है।

पंजाब से बाहर बैठे हैं साइबर अपराधी

 

पुलिस के पास करीबन पांच सौ एसी शिकायत हैं जिसमें इसी तरह से ठगी मारी गई है। जब पुलिस जांच शुरू करती है तो पता चलता है कि यह लोग दूसरे राज्यों में बैठकर ठगी करते हैं। जांच में पता चलता है कि उनकी ओर से इस्तेमाल किए जा रहे नंबर भी फर्जी पतों पर ही लिए गए हैं।

आ रहे हैं, इस तरह के केस, जांच जारी, एडीसीपी

हमारे पास पहले भी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के कई केस आए हैं। हर बार सामने आता है कि यह वेब साइट फर्जी थी और उसकी जांच में सामने आया कि उस पर दी गई जानकारियां झूठी थीं, इस्तेमाल किया गया नंबर फर्जी नाम पते पर चलाया जा रहा था। इस लिए लोगों को खुद भी ध्यान रखना होगा।
-सचिन शर्मा, एडीसीपी साइबर क्राइम।

 

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साइबर ठगों से बचने को अपनाएं ये उपाय

  • फोन पर किसी भी व्यक्ति को गोपनीय कोडवर्ड या ओटीपी की जानकारी न दें
  • यदि एटीएम कार्ड गुम या चोरी हो जाए तो कस्टमर केयर पर फोन कर तत्काल सेवाएं बंद कराएं
  • समय समय पर अपने एटीएम का पासवर्ड बदलते रहें
  • यदि आपके पास किसी शॉपिंग साइट का लिंक आता है तो उसका इस्तेमाल न करें।
  • प्रलोभन भरे मैसेज पर जवाब देने या उस नंबर पर बात करने से बचें।
  • सुरक्षित वेबसाइट की पहचान एचटीटीपीएस से करें, जिसपर हरे रंग का ताला बना हो। लाल रंग का ताला जिस वेबसाइट पर दिखे, उसका इस्तेमाल न करें।
  • फोन करने वाला व्यक्ति अगर खुद को बैंक का कर्मचारी बताता है और खाते के बारे में पूछ रहा है तो वह गलत है।
  • फोन कॉल से लाटरी नहीं दी जाती है। ऑफर का लालच देकर गोपनीय जानकारी मांगने वाले ठग हैं, जिनसे बचें।
  • फर्जी वेबसाइट पर डेबिट कार्ड की जानकारी न भरें नहीं तो ठगी के शिकार हो सकते हैं।
  • आनलाइन ठगी होने पर संबंधित साइट का स्क्रीन शॉट और यूआरएल नंबर लेकर तत्काल पुलिस की साइबर सेल में शिकायत करें। 

 

 

 

 

 

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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