लुधियाना [जेएनएन/एएनआइ]। हाेशियारपुर में अभी हमले का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि शनिवार काे लुधियाना में किसान फिर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के कार्यक्रम का घेराव करने पहुंच गए। पुलिस ने किसानाें काे आयोजन स्थल होटल महाराजा रिजेंसी के बाहर ही रोक दिया। किसान प्रधानमंत्री मोदी और अश्वनी शर्मा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इस दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी किसानों के धरने में जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें धरने से कुछ ही दूरी पर रोक दिया। 

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता अश्वनी शर्मा के दौरे का विरोध कर रहे थे और किसानों के धरने में शामिल होने जा रहे थे।पुलिस ने जब उन्हें रोका तो उनके व पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। यूथ कांग्रेस नेताओं को कहना था कि वह किसानों के धरने में जा रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही है।

किसानाें काे भाईवाला चौक पर बेरीकेट लगाकर रोक लिया गया है। किसान मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा मशहूर एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू को भाजपा में शामिल करवाने के लिए अाए थे। इस दाैरान अारएसएस के प्रदेश संगठन मंत्री दिनेश व अन्य नेता भी माैजूद थे।

कांग्रेस दोहरे चरित्र में जी रहीः अश्विनी शर्मा

अश्विनी शर्मा ने कांग्रेस सहित लोकसभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू को आड़े हाथों लिया। शर्मा ने कहा कांग्रेस दोहरे चरित्र में जी रही है। एक तरफ लोकसभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू मेरे पर किए हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहते हैं कि किसानों पर मामला दर्ज करने की बजाय उन पर कर दिया जाए। दूसरी तरफ कांग्रेसी नेता राजा वडिंग के घेराव करने मात्र पर ही किसानों पर पर्चा दर्ज कर दिया जाता है। बिट्टू को चेतावनी देते हुए अश्विनी शर्मा ने कहा कि वह खुद चलकर लुधियाना आए हैं। अगर बिट्टू में दम है तो वह बताएं कि उन्हें कहां पहुंचना है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के बयान जिसमें उन्होंने कृषि सुधार कानून पर बहस करने के लिए भाजपा नेताओं को चुनौती दी है पर प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने कहा इससे पहले जाखड़ को कांग्रेस हाईकमान से पूछना चाहिए की बीते लोकसभा चुनाव मेनिफेस्टो में कृषि सुधार कानून प्रक्रिया को शामिल क्यों किया गया।

प्रदेश में भाजपा को डराने धमकाने की कोशिशः शर्मा

कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए अश्विनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास है वह हर जगह अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने लगती है। उन्होंने दोहराया भाजपा को प्रदेश में डराने धमकाने का काम चल रहा है, लेकिन हम सब जमीनी स्तर के कार्यकर्ता हैं जो किसी के दबाव में आने वाले नहीं। एडवोकेट सिद्ध का पार्टी में स्वागत करते हुए अश्विनी शर्मा ने कहा कि यह परिवारवाद की पार्टी नहीं है। इसमें कोई भी सामान्य कार्यकर्ता प्रधानमंत्री राष्ट्रपति राष्ट्रीय प्रधान प्रदेश अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर पहुंच सकता है। इस दौरान अश्विनी शर्मा का विरोध करने किसान भी आयोजन स्थल होटल महाराजा रीजेंसी के पास पहुंचे। पुलिस ने उन्हें वहां रोका तो किसान वहीं धरने पर बैठ गए।

 गाैरतलब है कि शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा ने पंजाब में ईमानदार, मेहनती और साफ छवि के सिख चेहरों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव को लेकर अभियान भी छेड़ दिया है। एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू 20 साल से डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट में लोगों को इंसाफ दिलवाने को लेकर काम कर रहे हैं। सिद्धू जालंधर के गोरसियां निहाल में 21 मार्च 1971 में पैदा हुए और दसवीं तक सरकारी स्कूल से पढ़ाई की।

गवर्नमेंट कालेज फार ब्वायज में बाहरवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से वकालत की डिग्री हासिल की। राजगुरु नगर में रहने वाले एडवोकेट सिद्धू रोजाना घर व दफ्तर में दो सौ से अधिक लोगों की समस्याएं सुनते हैं और इनका हल निकाल इंसाफ दिलवाते हैं। 

 

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