लुधियाना, जेएनएन। नगर निगम अब डोर टू डोर जाकर लोगों से पूछेगा कि आपके घर में कुत्ता है या नहीं। अगर कुत्ता होगा तो निगम कर्मी मौके पर ही एक प्रोफार्मा व स्वघोषणा पत्र पकड़ाएंगे। प्रोफार्मा में आपसे कुत्ते के बारे में पूरी जानकारी मांगी जाएगी। घर में कुत्ता पालने की एवज में नगर निगम मालिक से चार रुपये फीस भी वसूलेगा। मालिक को कुत्ते का रजिस्ट्रेशन हर साल रेन्यू करवाना होगा। नगर निगम के वेटरनरी अफसर ने इसके लिए प्रोफार्मा तैयार करना शुरू कर दिया है और जल्द ही निगम की टीमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पालतू कुत्तों का सर्वे शुरू कर देगी।

नगर निगम हाउस की बैठक में पालतू कुत्तों, गायों व अन्य जानवरों का रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रस्ताव पास किया गया था, जिसे नगर निगम ने स्थानीय निकाय विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा था। स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद निगम के वेटरनरी अफसरों ने पालतू कुत्तों के सर्वे के लिए प्रोफार्मा तैयार करना शुरू कर दिया। इसके लिए वह चंडीगढ़ नगर निगम की पॉलिसी का अध्ययन भी कर रहे हैं।

नस्ल व पूछा जाएगा एंटी रैबीज इजेक्शन लगा या नहीं

नगर निगम कुत्ते के मालिक से कुत्ते का नाम, कुत्ते की नस्ल, रंग व कुत्ते का मेडिकल रिकार्ड भी पूछेगा, ताकि निगम को यह पता रहे कि कुत्तों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगा है या नहीं। एंटी रैबीज का इंजेक्शन न लगा हो तो उनसे एंटी रैबीज लगवाया जाएगा। नगर निगम के वेटरनरी अफसर डॉ. वाईपी सिंह ने बताया कि पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रोफार्मा को फाइनल रूप देते ही रजिस्ट्रेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुत्तों के अलावा अन्य पालतू पशुओं का भी रजिस्ट्रेशन किया जाना है। इसके लिए भी तैयारियां की जा रही हैं।

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