लुधियाना, जेएनएन। पंजाब में विधानसभा चुनावाें के एक साल पहले ही टिकट के दावेदाराें ने अपने तरीके से तैयारियां शुरू कर दी है। इसकाे लेकर वह माेहल्लाें के विकास पर फाेकस कर रहे हैं। राज्य में अकाली दल से गठबंधन ताेड़ने के बाद भाजपा में टिकट के चाहवान नेता पूरा जाेर लगा रहे हैं, ताकि उनकाे चुनाव लड़ने का माैका मिल सके। इसके अलावा शिअद, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता भी जनता की समस्याएं हल करने में आगे अा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक पार्षदाें को हर साल एक करोड़ रुपये अपने वार्ड में खर्च करने के लिए मिलते हैं।

पार्षदों के नहीं हाे रहे काम

देखा जाए तो इस समय के पार्षदों को अब तक तीन-तीन करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए मिल जाने थे। लेकिन उनके काम नहीं हो रहे हैं। पार्षदों ने अपने वार्डों के विकास कार्य विधायक कोटे में डालने शुरू कर दिए है, जिससे वार्ड के लोगों को लगे कि यह विकास कार्य पार्षद ने करवाए हैं। असल में निगम के पास फंड नहीं है और विधायक कोटे का फंड आ चुका है।

विधायक कोटे में काम करवाने में तेजी

पार्षद खुद ही अपने विकास कार्य विधायक कोटे में करवाने पर जोर दे रहे हैं। इस मामले काे लेकर पहले भी सतापक्ष के पार्षद भी निगम के खिलाफ विराेध जता चुके हैं। पार्षदाें का कहना है कि यदि विकास की रफ्तार कम हुई ताे अाने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस काे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। 

यह भी पढ़ें : रेलवे नहीं बता रहा पंजाब में कितने किसानों पर दर्ज हैं केस, गृह विभाग दो बार लिख चुका है रेल मंत्रालय को पत्र

यह भी पढ़ें : चंडीगढ़ में कार में एक साथ ऑफिस आए तो मिलेगा इंसेटिव, फ्री पार्किंग जैसी सुविधा

यह भी पढ़ें : रसायनमुक्त खेती कैसे करें, पंजाब में बताएंगे टी विजय कुमार, आंध्र का मॉडल लागू करने की तैयारी 

 

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें  

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप