जागरण संवाददाता, लुधियाना : एनजीओ राहत द सेफ कम्युनिटी फाउंडेशन के चेयरमैन, ग्लोबल सोसायटी आफ सेफ्टी प्रोफेशनल्स के अध्यक्ष और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य डा. कमलजीत सोई ने पंजाब राज्य में सड़क सुरक्षा नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य के साथ मिशन सेफ लुधियाना 2021 के रूप में फिर से लांच किया है। इस सामाजिक, मानसिक और आर्थिक मुद्दे को और अधिक गंभीरता से लेने के लिए दृढ़ संकल्पित डा. सोई ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के सख्त कार्यान्वयन पर जोर दिया है।

यह कार्यक्रम पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2012 में शुरू किया गया था, लेकिन वर्षों तक इस दिशा में कुछ खास नहीं हुआ। हालांकि कोविड-19 महामारी के दौरान लाकडाउन के बाद यह मिशन बिल्कुल रुक गया था। इस प्रकार लगभग 20 लाख वाहन अभी भी पंजाब की सड़कों पर बगैर एचएसआरपी के चल रहे हैं। समय की मांग एचएसआरपी कोड का पूर्ण कार्यान्वयन और प्रभावी कार्रवाई है।

15 माह में नहीं चली मुहिम, लोग हुए लापरवाह

पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के प्रधान सचिव ने एक अधिसूचना के जरिए पहले अपराध के लिए जुर्माने/चालान की राशि दो हजार रुपये और उसके बाद हर अपराध के लिए जुर्माने की राशि तीन हजार रुपये की है। यह अधिसूचना 27 जुलाई 2020 को जारी की गई थी। पिछले 15 महीनों में यातायात पुलिस ने इसके लिए कोई एनफोर्समेंट ड्राइव को भी शुरू नहीं की। इस कारण लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इतना ही नहीं, कई तो फर्जी तरीके से वाहनों पर नकली एचएसआरपी लगा रहे हैं। हालांकि इनमें से कुछ वाहनों को पुलिस ने जब्त कर लिया है, फिर भी बड़ी संख्या में वाहन बिना एचएसआरपी के सड़कों पर चल रहे हैं। इस खतरे को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि ये वाहन विशेष रूप से राज्य और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने रहेंगे।

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