जेएनएन, लुधियाना। बॉलीवुड स्‍टार अनिल कपूर ने इन दिनों चल रही 'मी टू' मुहिम का समर्थन किया है। उन्‍होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी पहल है। मैं भी इस पहल के साथ हूं। यह मुहिम सही समय पर शुरू की गई है। इस मुहिम को और असरदार तरीके से चलाया जाना चाहिए।

वह शुक्रवार को पहली बार लुधियाना आए थे। वह यहां एक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। अनिल कपूर के आने की खबर मिलते ही भारी संख्‍या में उन‍के प्रशंसक जुट गए। उन्‍होंने प्रशंसकों को निराश नहीं किया और उनसे रूबरू हुए। उन्‍होेंने प्रशंसकाें के साथ सेल्‍फी भी ली।

एक प्रशंसक के साथ सेल्‍फी खिंचवाते अनिल कपूर।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मी टू मुहिम सही समय पर शुरू की गई है। महिलाओं को इस पर खुलकर बोलने की आजादी है। अब इस मुहिम को प्रभावशाली ढंग से कारगार बनाने की भी जरूरत है। उन्‍होंने कहा, लड़कियां हा मायने में लड़कों से बढ़कर हैं। मैैंने अपनी दोनों लड़कियों को लड़कों से बढ़कर माना है। उन्होंने कहा कि अपनी आने वाली फिल्म 'इक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' में बेटी सोनम कपूर के साथ काम करके मुझे बहुत ही अच्छा लगा है। इससे बेहतर फिल्म बाप-बेटी के लिए और कोई हो ही नहीं सकती।

काली दाल और पनीर का स्वाद चखा

अनिल कपूर ने कहा, मैैं लुधियाना पहली बार आया हूं और यहां दोबारा आना चाहूंगा। जैसे ही मैंने होटल में प्रवेश किया तो सबसे पहले काली दाल और पनीर का स्वाद चखा। वह हंसते हुए बोले कि अभी मैैं नौ दिनों तक वेजीटेरियन हूं, नवरात्र चल रहे हैैं।

-------

अपने फिल्‍म के गीत 'माई नेम इज लखन' की धुन पर थिरकते अनिल कपूर।

माई नेम इज लखन पर जमकर थिरके

सफेद कुर्ता-पायजामा और नेहरू जैकेट पहन जैसे ही अभिनेता अनिल कपूर पहुंचे तो आते ही उन्होंने सबसे पहले वाहेगुरु जी का खालसा बोला और फिर माई नेम इज लखन गीत पर डांस भी किया।

---------

मां के प्यार से बना खाना है मेरा फिटनेस मंत्र

अनिल कपूर ने कहा कि मां के हाथों का बनाया गया खाना मेरा फिटनेस मंत्र है। भले ही वह साग, मक्की की रोटी हो, आलू की सब्जी हो या फिर लस्सी। मां-बाप के आशीर्वाद से ही आज तक मैैं यंग दिखता हूं।

----------

प्रशंसकों से रूबरू होते अनिल कपूर।

नायक मेरी जिंदगी की लाइफ टाइम बेस्‍ट मूवी...

अनिल कपूर ने कहा कि नायक मेरी जिंदगी की अब तक तक की ऐसी लाइफ टाइम मूवी है कि मैैं जहां भी चला जाऊं लोग इसकी चर्चा करते हैं। चाहे महाराष्ट्र हो, चंडीगढ़ हो या फिर कोई दूसरा राज्य या कहें छोटा सा गांव। हर कोई इस फिल्म की इतनी तारीफ करता है जो मुझे बहुत अच्छा लगता है। यह मेरे फिल्‍म कैरियर की बेस्‍ट फिल्‍म है।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha