जागरण संवाददाता, लुधियाना : बरेटा रोड का एक शातिर चोर पुलिस रिकॉर्ड में सही रहने के लिए चोरी की एफआइआर में गलत लिखवा देता था। यह खुलासा तब हुआ जब वह जेल पहुंचा और वहां इस्तेमाल होने वाले एप में उसकी फोटो देखी गई। जेल प्रबंधन की शिकायत के बाद एडीसीपी इनवेस्टीगेशन की ओर से मामला दर्ज करवाया गया है। हरजीत सिंह निवासी बरेटा रोड के खिलाफ थाना फोकल प्वाइंट में 13 जुलाई 2017 को चोरी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें हरजीत सिंह ने अपना नाम इंद्र सिंह लिखवा दिया और जेल चला गया। छूटने के बाद उसने फिर चोरी की और उसके खिलाफ मॉडल टाउन में फिर से मामला दर्ज हुआ और उसमें उसने अपना नाम सही लिखवा दिया। जब जेल गया तो पता चला कि वहां पर दोनों बार ही उसकी फोटो जेल में इस्तेमाल पीएआइएस एप में सेव है। डाटा चेक किया गया तो पता चला कि फोटो एक ही व्यक्ति की है और नाम दो हैं। एडीसीपी इनवेस्टीगेशन रतन सिंह बराड़ ने मामले की जांच की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। थाना डिवीजन छह की पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

Posted By: Jagran

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