लुधियाना, डीएल डॉन।  राजनीति में कुटनीति का इस्तेमाल ना हो तो सत्ता के गलियारों तक पहुंचना टेढ़ी खीर साबित होता है। बिहार में किसी भी पद के लिए चुनाव का बिगुल बजे, राजनेताओं का सरोकार लुधियाना से पड़ ही जाता है। जरूरत पूरी करने के लिए वे शहर पहुंचकर यहां रह रहे बिहार के लोगों से सहयोग की अपील करते हैं। वहीं बिहार के लोग लुधियाना में स्थाई जगह बनाने के बाद भी राजनीति में हस्तक्षेप करते हैं। लुधियाना लोकसभा क्षेत्र के अलावा कई विधानसभा सीटों और पार्षद के पदों के लिए भी बिहार के लोग चुनाव लड़ते रहते हैं। बिहार के रहने वाले रामचन्द्र यादव पार्षद बन चुके हैं। वर्तमान समय में दर्जनों परिवार ऐसे हैं जो समाज सेवा को आधार बनाकर जनप्रतिनिधि बनने के लिए राजनीतिक पार्टियों के साथ जुड़े है। बिहार से पंजाब में आने वाले खासकर लुधियाना में बसे लोगों ने राजनीति में स्थान बना कर पंजाब की सभ्यता, संस्कृति अपना चुके हैं। जिस पार्टी की केंद्र में सरकार होती है उसके लोग अक्सर रेल मंत्रालय की यात्री सुविधा कमेटी में प्रतिनिधित्व करते हैं। बिहार के कई नेता रेल यात्री सुविधा कमेटी में मेंबर रहे हैं।

शहर में बिहार लाखों में वोटर

हजारों की तादाद में बिहार के लोग यहां के स्थानीय निवासी हो गए हैं और लाखों की संख्या में वोटर बन चुके हैं। वे मतदान को अपना अधिकार समझते हैं। चुनाव में हर पार्टी के उम्मीदवार बिहार के लोगों का वोट पाने के लिए राजनीतिक दांव-पेंच लगाते हैं। बिहार के लोग भी इन पार्टियों के प्रचार प्रसार में बढ़चढ़कर भाग लेते हैं। स्थानीय सांसद तक बिहार के लोगों का वोट पाने के लिए इनसे संपर्क साधते रहते हैं और इनके द्वारा आयोजित समारोह में वे पहुंचाना नहीं भूलते है। बिहार के लोगों के सबसे बड़े त्योहार छठ पूजा में भी नेता भाग लेते हैं। पिछले साल भी लुधियाना के सांसद सभी मंचों पर जाकर इनके धार्मिक आयोजन को सराहते रहे। सांसद बिहार के लोगों को विकसित करने के लिए भी मंच से अपील कर चुके हैं ताकि अगामी चुनाव में उनके वोट उन्हें मिल सके।

केंद्रीय मंत्री के दौरे से उद्यमी खुश

केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह जब बिहार में कृषि व पशुपालन मंत्री थे, उसी समय से वे लुधियाना आते रहे हैं। पहले वे गांव घनैया में बने आश्रम में आते थे। जब केंद्रीय मंत्री बने तो लुधियाना से उनका रिश्ता और गहरा हो गया और उनका दौरा लगातर जारी रहा। उद्यमियों द्वारा लगाए प्रदर्शनी बाजार में उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के लिए कई योजनाएं पंजाब को दीं। इससे यहां के उद्यामियों में खुशी की लहर हो गई और उनका दौरा जारी रहा। इसी तरह बिहार के सांसद ओमप्रकाश यादव का भी लुधियाना से गहरा रिश्ता है। वह भी लगातार यहां का दौरा करते रहते हैं। गत माह भी यादव यहां पहुचें थे और बिहार के लोगों से वे गहन मंत्रणा कर लौटे। चर्चा है कि यादव सीवान लोकसभा क्षेत्र से हैं, जिससे वे आगामी चुनाव के लिए अपने समर्थकों से मिलकर चुनाव में सहयोग करने की अपील कर गए हैं। इसी तरह बिहार के शिवहर लोकसभा के पूर्व सांसद छठ पूजा सतलुज दरिया मंच पर पहुंच कर अपने समर्थकों से रूबरू हुए। बिहार के सांसद, विधायक व अन्य लीडरों का आना-जाना नई बात नहीं है। वर्ष 1995 में एक साथ तीन सांसद लुधियाना पहुंचे थे। इनमें बिहार के अररिया लोकसभा से सांसद सुकदेव पासवान, शिवहर से अनवारूल हक और चतरा लोकसभा के सांसद नागमणि शामिल थे।

बिहार के क्षेत्रीय पार्टियों के पंजाब में समर्थक

बिहार की कई क्षेत्रीय पार्टियों का गठन पंजाब में हुआ है। इनमें अधिकतर पदाधिकारी लुधियाना के बने हैं। बिहार में सत्ता में रहीं जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल, लोकजनशक्ति पार्टी, जनाधिकार पार्टी आदि पार्टियां शामिल हैं। बिहार के लोग मूलगांव के हिसाब से क्षेत्रिय पार्टी के साथ जुड़े रहते हैं।

धर्म और धार्मिक अनुष्ठानों में अहम रोल

धार्मिक कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बिहार के लोग भाग लेते हैं। छठ पूजा विश्व विख्यात है। मंदिरों का निर्माण कर शहर में कई मंदिर भी स्थापित किए गए हैं। इससे उनकी संस्कृति दिखती है। दूसरा इन्होंने भी पंजाब की संस्कृति को अपना लिया है।

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