बिंदु उप्पल, जगराओं आधुनिक जीवन शैली में हरेक इंसान की इच्छा है कि उनके बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई करें। अभिभावकों की इसी सोच को बदलने का शिक्षा विभाग ने बीड़ा उठाया है। यह कहना है डीजीएसई कृष्ण कुमार का। जगराओं के तहसील रोड स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्वॉयज की प्रिंसिपल राजिंदर कौर ने बताया कि डीजीएसई कृष्ण कुमार ने सूबे के चुनिंदा सरकारी स्कूलों के पदाधिकारियों को स्कूलों को स्मार्ट बनाने का निर्देश दिया है। प्रिंसिपल राजिंदर कौर ने बताया कि स्मार्ट स्कूल के लिए सूबे के चुने गए सरकारी स्कूलों में इंजीनियरों का सर्वे शुरू हो गया है। किस स्कूल में क्या सुविधा होनी चाहिए इसकी जानकारी एकत्रित की जा रही है। उनके स्कूल का सर्वे हो चुका है और मॉडर्न शौचालय बनने का काम शुरू हो चुका है। ये सुविधाएं होंगी स्मार्ट स्कूल में सूबे के चुनिंदा सरकारी स्कूल में बेहतर शौचालय मिड डे मील के लिए डाइनिंग हॉल सोलर पावर दस किलो वाट हरे क्लास में इंटरनेट की सुविधा लैंड स्केपिंग छठी से बारहवीं तक एक समान यूनिफॉर्म स्कूल की बाहरी व आंतरिक बनावट, रंग-रोगन एक जैसी होगी। रनिंग ट्रैक जिम दसवीं तक इंटीग्रेटिड साइंस लैब फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी पढ़ाने की व्यवस्था मल्टीमीडिया व स्मार्ट बोर्ड से लैस होंगे क्लासरूम यहां के बच्चें इंजीनियरिंग कर रहे हैं फिजिक्स के लेक्चरार जतिंदर सिंह व कॉमर्स के लेक्चरार सतनाम सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में बढि़या पढ़ा-लिखा स्टाफ होता है और उनके पढ़ाए बच्चे आज डॉक्टर व इंजीनियर की पढ़ाई कर रहे हैं। चुनिंदा स्कूलों की सूची तैयार डीजीएसई के निर्देशों के अनुसार सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने में बहुत से बदलाव होने हैं। ऐसे में सूबे के चुनिंदा स्कूलों की सूचियां तैयार हो चुकी है और काम शुरू हो गया है। स्वर्णजीत कौर, जिला शिक्षा अधिकारी

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