जागरण संवाददाता, लुधियाना : भारत ही नहीं, विदेशों में भी 'पैडमैन' के रूप में मशहूर अरुणाचलम मुरुगनंतम को मानवता की सेवा व समाज में उल्लेखनीय योगदान के लिए शनिवार को सतपाल मित्तल नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया। नेहरू सिद्धांत केंद्र की ओर से आयोजित समारोह में मुरुगनंतम अस्वस्थ होने के कारण खुद नहीं पहुंच पाए, लेकिन उनके प्रतिनिधि नवीन कुमार को सैन्य प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने यह पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार में ट्रॉफी के साथ पांच लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। व्यक्तिगत और संस्थागत श्रेणी में पांच इनाम प्रदान किए गए, जिसमें 12 लाख रुपये की इनामी राशि थी। मुरुगनंतम के अलावा सम्मान पाने वालों में स्वास्थ के क्षेत्र में काम करने वाली तिरुमालाई चैरिटी ट्रस्ट, द लैप्रोसी ट्रस्ट इंडिया, शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली एनजीओ दीपालय और कम कीमत वाली रैबीज दवा का इजाद करने वाले शिमला के डॉक्टर ओमेश कुमार भारती शामिल रहे। तिरुमालाई चैरिटी ट्रस्ट की ओर से एमएस शेषाद्री, द लेप्रोसी ट्रस्ट के अब्राहम जार्ज और दीपालय की जसवंत कौर ने सम्मान हासिल किया। नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट के प्रेसीडेंट राकेश भारती मित्तल ने कहा कि हर साल संस्था की ओर से समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को इस अवार्ड से नवाजा जाता है। भले वह देश के किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हों। उन्होंने कहा कि सरहद की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति अपने कर्तव्य को समझते हुए ट्रस्ट ने सेना के सौ बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट जल्द ही सत्य भारती यूनिवर्सिटी की स्थापना करेगा। इस पर काम चल रहा है। इस मौके पर स्कूल और कालेज के बच्चों को वजीफे भी प्रदान किए गए। अब तक 17 हजार बच्चों को दिए वजीफे

नेहरू सिद्धांत केंद्र ट्रस्ट ने 1991 में मेधावी छात्र छात्राओं को वजीफे देने का सिलसिला शुरू किया। ट्रस्ट के प्रेसीडेंट राकेश भारती मित्तल ने बताया कि अब तक 17 हजार बच्चों को वजीफे दिए जा चुके हैं। इस साल 1147 बच्चों को वजीफे दिए गए, जिनमें 730 छात्राएं हैं। इस साल 41 लाख के वजीफे प्रदान किए गए।

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