संस, लुधियाना : तपचंदिका श्रमणी गौरव गुरुणी मैय्या महासाध्वी वीणा महाराज ठाणा-5 के सानिध्य में सिविल लाइंस जैन स्थानक में चातूुर्मास सभा हेतु सुखसाता विराजमान है। इस दौरान चल रही चातुर्मास सभा में साध्वी रत्न संचिता महाराज ने कहा संसार के समस्त धर्मों में गुरु पद का महत्व रहा है। गुरु अज्ञान, अधंकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करता है। गुरु मार्गदर्शक बन भूले भटके, राहियों का सन्मार्ग दिखलाता है। गुरु पावर हाऊस की तरह जीवन में सदगुणों का संचार करता है। इसलिए गुरु को गोबिद का दर्जा दिया गया है। जो गोविद के दर्शन करा देता है। माता पिता व गुरु को तीर्थ की उपमा प्रदान की गई है। जो सदा वंदनीय आदरणीय रहते है। जिसके सिर पर गुरु का साया बना रहता है। दुनियां की कोई भी शक्ति उसका अशुभ नहीं कर सकती है।

इस दौरान साहित्य दिवाकर सुरेंद्र मुनि द्वारा संतजनों की महिमा प्रदर्शित कर उनका स्मरण किया गया। कोषाध्यक्ष नेम जैन ने आगुन्तकों का शब्दों द्वारा अभिनंदन कर सभी को सरकारी नियमों का परिपालन करने का आग्रह किया गया। महासाध्वी वीणा महाराज ने कहा कि कभी कभी मौन रहने का भी अभ्यास करे। मौन करने से आप शिव बन जाओगे। प्रभु महावीर ने भी केवल ज्ञान भी प्राप्ति से पहले लगातार साढे़ 12 वर्ष मौन साधना की थी। मौन करने वाली आत्माओं को रिद्धि-सिद्धि प्राप्त हो जाती है। मौन करन से बडे़-2 घरों के क्लेश भी समाप्त हो जाते है

इस अवसर पर चातुर्मास कमेटी चेयरमैन जितेंद्र जैन व अध्यक्ष अरिदमन जैन, सीनियर उपाध्यक्ष सुभाष जैन महावीर, महामंत्री प्रमोद जैन, कोषाध्यक्ष रजनीश जैन गोल्ड स्टार, मोती लाल जैन, विनोद जैन गोयम, संजय जैन, वैभव जैन, अजय जैन, फूलचंद जैन, सुशील कौड़ा व समस्त कार्यकारिणी सदस्यगण शामिल थे।

Edited By: Jagran