संस, लुधियाना : गच्छाधिपति शांतिदूत जैनाचार्य श्रीमद विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज सा. की आज्ञानुवर्तिनी सरल स्वभावी, शासन प्रभाविका, पंजाबी साध्वी प. पू. श्री जसवंत म. सा. की सुशिष्या साध्वी श्री प्रगुणा म. सा., साध्वी श्री प्रियधर्मा म. सा., ठाणा-4 के सानिध्य में आत्म धर्म कमल हाल में जारी है। आज के प्रवचन में साध्वी प्रियधर्मा ने कहा कि शास्त्र किसे कहते है, इस बात का वर्णन किया। गणधर भगवान का प्रत्येक बुद्ध का श्रृत केवली का, संपूर्ण दस पूर्व के ज्ञाता का रचित शास्त्र कहा जाता है। संसार के स्वरुप का तथा संयमी जीव के सुख का वर्णन किया। कौन कौन से जीवों के पास कौन-कौन से चक्षु होते है, इस बात की भी व्याख्या की गई। देवता अवधि ज्ञान रूपी चक्षु से तथा साधु महात्मा शास्त्र रुपी चक्षु से जानते है। हमें भी संसार के स्वरूप को समझकर स्वाध्याय और संयम से प्रीत करनी चाहिए। आज संघ पूजा व मित्री का लाभ शादी लाल, विमल चंद, सुशील जैन गुज्जरांवाला परिवार ने लिया। सिद्ध पद के तप का लाभ सुभाष कुमार, सरोज जैन जंडियाला गुरु वालों ने लिया।

इस अवसर पर मुकेश जैन, नरेंद्र जैन निदी, संजीव जैन टोनी, मुकेश जैन एमसी, चातुर्मास संयोजक विकास जैन, सुशील जैन हाईफ्लाई, वीर भूषण जैन, महासभा अध्यक्ष नरेंद्र जैन बब, अभिनव जैन, रमेश जैन बरड़, विनोद जैन, संजीव जैन, बिटटू रत्तन, मीडिया प्रभारी राजीश जैन, सुरेंद्र मोहन जैन, सीए राहुल जैन, भूषण जैन, चंद्रेश जैन केएस, संजीव मोनू, सुशील जैन, मनोज जैन टयूडर, पुष्पदंत जैन पाटनी, सुरेश जैन, अरुण जैन केसरिया, गुरु वल्लभ नित्यानंद सूरी युवक मंडल अध्यक्ष कमल जैन, विशाल जैन, अमित जैन, युवा संक्रांति मंडल अध्यक्ष आदीश जैन, नीरज जैन कोठी, पुनीत जैन बरड़, कौशल जैन बरड़, विकास जैन कोठी वाले, संजय जैन कोठी वाले, महिला मंडल से प्रवीण जैन, अनु जैन, साधना जैन, गोल्डी जैन, कविता जैन आदि महासमिति के समस्त सदस्यगण शामिल थे।

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