लुधियाना, जेएनएन। महानगर पुलिस ने दूसरे राज्यों से पंजाब में हो रही नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क का राजफाश किया है। हरियाणा की एक फार्मास्यूटिकल कंपनी हिमाचल के बद्दी से नशीली दवाएं तैयार करवा वाया राजस्थान से पंजाब में सप्लाई करती थीं।

थाना डेहलों पुलिस ने राजस्थान के तीन और पंजाब के दो तस्करों को गिरफ्तार कर करोड़ों की नशीली दवाएं जब्त की हैं। इनमें जयपुर का रहने वाला मुख्य ट्रेडर प्रेम रतन भी शामिल है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह ट्रेडर फर्जी कागजात तैयार कर दवाओं को ट्रांसपोर्ट के जरिए लुधियाना भेजता रहा है। पिंपडी स्ट्रीट के कई होलसेल विक्रेता उससे दवाएं लेते रहे। इनके मोबाइल नंबर पुलिस को उसके मोबाइल से मिल चुके हैं।

थाना डेहलों की ओर से पकड़ी गई दवाइयों की खेप को देखते पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल । (जेएनएन)

पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि थाना डेहलों की पुलिस ने 17 सितंबर को कार में आ रहे शिमलापुरी के प्रीत नगर निवासी रणजीत सिंह और गांव नंदपुर निवासी दमनप्रीत सिंह को नशीली दवाओं के साथ पकड़ा था। उनके खिलाफ केस दर्ज कर रिमांड लेने के बाद पूछताछ की तो आरोपितों ने बताया कि वे लोग राजस्थान के जिला अलवर स्थित गांव खैरथल निवासी अर्जुन देव और गुलशन कुमार से ये दवाएं लेते थे। फिर पुलिस दवाओं के मुख्य ट्रेडर जयपुर निवासी प्रेम रतन तक पहुंची।

कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। रिमांड में उसने बताया कि जयपुर में उसका गोदाम है जहां पर नशीली दवाएं रखी हुई हैं। पुलिस ने मोहाली और लुधियाना के ड्रग इंस्पेक्टरों को साथ लेकर गोदाम में रेड कर वहां से चार करोड़ रुपये कीमत की नशीली दवाएं पकड़ीं। इनमें 99600 शीशी सिरप, नौ हजार गोलियां और 14 हजार कैप्सूल शामिल हैं।

सोनीपत की फर्म के मालिक का पता लगाने में जुटी पुलिस

जांच के दौरान सामने आया कि ट्रेडर प्रेम रतन इस पूरे गिरोह का एक मोहरा मात्र है। हरियाणा की एक फर्म उन नशीली दवाओं का उत्पादन बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में स्थित एक फर्म से करवाती थी। वहां से इन दवाओं को प्रेम रतन लेता था और फिर उनको बिना लाइसेंस के पंजाब और राजस्थान में सप्लाई करता था। उसने कई होलसेल दवा विक्रेताओं को फर्जी लाइसेंस भी बनाकर दिए थे। अब पुलिस जब्त किए दवाओं के कार्टून पर लगे हरियाणा के सोनीपत की फर्म के मालिक का पता लगाने में जुटी है। उसके लिए वह हरियाणा के स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के संपर्क में है।

ट्रैप लगाकर अलवर के दो तस्करों को पकड़ा, मोबाइल नंबर से जुड़ी गिरोह की कडिय़ां

पुलिस ने जब आरोपित रणजीत और दमनजीत को गिरफ्तार किया तो रिमांड के दौरान उन्होंने पुलिस को भरमाने का प्रयास किया। उनके मोबाइल फोन से ही पुलिस को अलवर स्थित गांव खैरथल के अर्जुन देव और गुलशन कुमार का पता चला। फिर पुलिस ने दवाएं लेने के बहाने उनसे राजस्थान में मुलाकात की थी। वहां मिलने आए आरोपितों को ट्रैप लगाकर काबू कर लिया गया।

जेल से मिला था तस्करों को नशे का लिंलक

आरोपित रणजीत सिंह के खिलाफ थाना सिविल लाइंस बठिंडा और दमनजीत के खिलाफ थाना कोतवाली नाभा में नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं। दोनों की जेल में मुलाकात हुई थी। वहीं पर उन्हें राजस्थान के तस्करों का पता चला था। दोनों एक साल से राजस्थान के अलवर निवासी अर्जुन देव और गुलशन कुमार से लेकर पंजाब में नशे की दवाओं की तस्करी कर रहे थे।

 

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!