जेएनएन/एएनआइ, लुधियाना। Stubble Burning In Punjab: पंजाब में धान की पराली न जलाने को लेकर बड़ी अच्छी खबर आई है। प्रदेश की औद्यौगिक नगरी लुधियाना में पिछले वर्ष की तुलना में पराली जलाने के मामलों में कमी दर्ज की गई है। यह दावा डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा ने किया है। डीसी के अनुसार प्रशासन और लोगों के सामूहिक प्रयास के कारण इस बार पराली जलाने के कुछ ही मामले सामने आए हैं। डीसी के अनुसार अभी तक प्रशासन की ओर से विभिन्न किसान समहूों को प्राथमिक कृषि समितियों को पराली के प्रबंधन के लिए 5400 मशीनें दी जा चुकी हैं।

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प्रशासन किसानों को पराली नहीं जलाने को लेकर कर रहा जागरूक

वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि प्रशासन लगातार किसानों को पराली नहीं जलाने को लेकर जागरूक कर रहा है। सिंगपुरा गांव के सरपंच जसविंदर सिंह राणा ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए हम पराली नहीं जला रहे हैं। इसे खाद और चारे के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है। पिछले वर्ष भी पराली जलाने के बहुत कम मामले सामने आए हैं।

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पंजाब में आंकड़े चाैकान्ने वाले

पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी)के अनुसार 14 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के 1286 मामले सामने आए थे। यह 16 अक्टूबर को बढ़कर 2375 हो गया। 15 और 16 अक्टूबर को पराली जलाने के 1089 केस हुए रिपोर्ट हुए थे। इससे पंजाब सरकार, जिला प्रशासन और पीपीसीबी (पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) की एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। सिर्फ 15 अक्टूबर को अब तक सबसे ज्यादा 660 केस रिपोर्ट हुए जबकि 16 को 429 मामले आए सामने आए हैं। आने वाले दिनाें में इनकी संख्या और बढ़ सकती है।

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Edited By: Pankaj Dwivedi