जागरण संवाददाता, लुधियाना। पालीथिन (polythene) पर्यावरण के लिए खतरनाक है। तमाम पाबंदियों के बावजूद प्लास्टिक का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है, लेकिन अब नगर निगम ने इसके खिलाफ अभियान छेड़ने का ऐलान कर दिया है। निगम ने लोगों को 31 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। एक अगस्त से पालीथिन के उपयोग, बिक्री के खिलाफ निगम अभियान छेड़ेगा। इसके लिए बकायदा टीमों का गठन किया जा रहा है। निगम की टीमें छापामारी करेंगी और प्रतिबंधित पालीथिन की बिक्री और उपयोग करने वालों खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही सड़कों, सीवरेज और नालियों में भी पालीथिन गिराने पर पाबंदी रहेगी। मेयर बलकार सिंह संधू ने बुधवार को बताया कि लुधियाना को पालीथिन मुक्त बनाना है, इसमें सभी का सहयोग अनिवार्य है। शहर में मंगलवार को हुई 128 मिलीमीटर बारिश के कारण शहर में जलभराव की स्थिति बनी। वह दिन भर कमिश्नर के साथ शहर में घूमते रहे। कई जगह पालीथिन के लिफाफों के कारण रोड की जाली जाम थी। पालीथिन हटाने के बाद पानी तेजी से सीवरेज में चला गया। जलभराव के लिए पालीथिन एक बड़ा कारण है। इस बारे में सख्ती के साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। बताया जाएगा कि सड़कों पर, सीवरेज में, नालियों में या बुड्ढा दरिया में पालीथिन के लिफाफों को न फेंका जाए। मेयर ने यह भी कहा कि शहर में कई जगह पर स्टार्म सीवरेज डाला गया है, वहां पर स्थिति में सुधार हुआ और पानी तेजी से निकल गया।

अभी शहर में जहां जहां भी बरसाती पानी जमा होता है, अफसरों की ड्यूटी लगा दी गई है और उनको इसके तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए हैं। मेयर ने कहा कि पहले पंज पीर रोड, गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब, दमोरिया पुल इत्यादि जगहों पर बरसात का पानी काफी खड़ा होता था, लेकिन अब वहां पर नई व्यवस्था कर दी गई है। इस बार की बरसात में इन इलाकों में पानी नहीं रुका है। रानी झांसी रोड पर भी स्टार्म सीवरेज डाला गया है। भारी बरसात के बावजूद यहां पर भी पानी नहीं रुका है। बुड्ढा दरिया कायाकल्प प्रोजेक्ट के तहत नए एसटीपी लगाए जा रहे हैं। इनके शुरू होने से काफी सुधार आएगा। मेयर ने कहा कि तालाब बाजार के अलावा पुराने शहर में भी बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था बनाने पर मंथन चल रहा है। इन इलाकों में निगम की टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं।

Edited By: Vipin Kumar