जगराओं [बिंदु उप्पल]। इंसान के जीवन में मां-बाप की बातों की अहमियत तब याद आती है जब आप मां-बाप बनते हैं और प्रत्येक जिम्मेदारी को निभाते हुए कारोबार चलाते हैं। मेरे पिता जी स्व. राजकुमार हमेशा यही कहते थे कि बेटा जीवन में पैसा ही सब कुछ नहीं होता। जीवन में दुआओं का असर पैसे से भी अधिक होता है। ऐसे में पिता जी तरह समाज के लिए हमेशा कुछ न कुछ लोगों की सेवा करना शुरू किया, ताकि आत्मिक संतुष्टि मिल सके। जो आज हूं पिता की बदौलत हूं, तो मेरा भी फर्ज था कि पिता व अपने पूर्वजों की यादों को संजोकर रखूं।  तब मेरे पास पिता जी की आरे से दी गई जो 400 गज की जगह हैबोवाल में श्री रामशरणम के पीछे थी, वह अपने पिता स्व. राज कुमार जैन व लीगा परिवार सोसायटी गौत्र को समर्पित कर दी। हम बात कर रहे हैं लुधियाना के प्रसिद्ध समाज सेवी उद्योगपति विपन जैन की । जिनके लिए दूसरों के दुख:दर्द दूर करना जीवन की दिनचर्या में शामिल हो चुका है।

दैनिक जागरण से बातचीत में विपन जैन ने बताया कि जिंदगी में सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीता हूं। उन्होंने बताया कि उस 400 गज वाली जगह पर सुंदर लीगा भवन धाम बना दिया है जहां पर एक डिस्पेंसरी बना दी गई है और आम बीमारियों के एक्सपर्ट डाक्टर तैनात है। इस डिस्पेंसरी में 20 रुपए की पर्ची में मरीज को हर बीमारी की जनरल मेडिसन मिलती है और जब कोई बीमारी की जांच करवानी होती है तो इस डिस्पेंसरी की पर्ची पर बड़ी लेबोरेटरी में 40-50 प्रतिशत की छूट में प्रत्येक टेस्ट किया जाता है। इसके अलावा इसी लीगा भवन धाम में कमरे, किचन, बाथरूम बना दिए गए हैं यदि किसी को अपनी बेटी की शादी के लिए जगह चाहिए तो यहां 3100 रुपए ट्रस्ट के नाम पर लिए जाते हैं। विपन जैन ने बताया कि उनके द्वारा लीगा परिवार सोसायटी बनने से देश में से पूरे 200 परिवार उनके गोत्र के जुड़ गए हैं।

इसके अलावा लीगा परिवार सोसायटी के सहयोग से 17 गरीब व जरूरतमंद परिवारों को मासिक राशन बांटा जाता है और उन परिवारों के 17 बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च सोसायटी उठाती है। पर्यावरण प्रेमी विपन जैन ने बताया कि प्रकृति से बहुत प्यार है इसलिए समय-समय पर परिवार के सदस्यों व दोस्तों के साथ मिलकर पौधारोपण करते है। यही नहीं वर्ष 2014 में बिजनेसमैन विपन जैन पर जैन गुरू व साधक अहमदाबाद के निमेश भाई के प्रवचनों का इन पर इतना प्रभाव पड़ा कि इंसान कभी अपने साथ कुछ नहीं लेकर जाता है। इसी बात को दिमाग में बिठा विपन जैन ने पिछले वर्ष से अपनी जमा पूंजी में से कुछ व्यक्तिगत तौर हिस्सा जरूरतमंदों के नाम करने के लिए ऐसे क्षेत्रों को चुनते है जहां पर वास्तव में जरूरतमंद चीजों की जरूरत थी। इसलिए पिछले वर्ष तीन ट्रक जरूरतमंद सामान से भर कर कश्मीरी के पुंछ, राजौरी, मेंढर में जाकर लोगों को बांटे।

उन्होंने बताया कि उनकी सोसायटी का लक्ष्य है दिसंबर में पांच गरीब लड़कियों की शादी करनी है जिसका बजट सात लाख रुपए है और अब उन गरीब परिवारों से संपर्क कर रहे है जोकि अपनी बेटियों की शादी करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि अगर आज मेरे पास पैसा है तो वो भगवान व लोगों के आर्शीवाद से है। उन्होंने अपनी सफलता का मूल मंत्र बताते कहा कि हमेशा दूसरों को खुशियां देने के लिए हीमोग्लोबिन बढ़ाने का काम करना चाहिए ताकि दूसरे के चेहरे की खुशी आपको हर सुख देगी। इसके अलावा उनके इस सेवा कार्य में पूरा परिवार पत्नी रेणू जैन, बेटा अनमोल जैन, पुत्रवधु तनीषा जैन, दोनो बेटियां सोमन-विकास, सारू-वरूण का पूर्ण सहयोग है। समाज सेवक विपन जैन ने अपने सेवा कार्यो को सही दिशा दिलाने वाले भगवान महावीर सेवा संस्थान के प्रधान राकेश जैन के सहयोग को श्रेय देते हैं।

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Posted By: Vikas Kumar