जागरण संवाददाता, खन्ना : नगर कौंसिल खन्ना कार्यालय में बुधवार को एक बार फिर पंजाब विजिलेंस लुधियाना की टीम ने दबिश दी। टीम की अगुवाई डीएसपी विजिलेंस लुधियाना वरियाम ¨सह कर रहे थे। टीम ने विजिलेंस से की की गई पांच शिकायतों की जांच कौंसिल में की। पांच फाइलों को लेकर पहुंचे डीएसपी ने सारा दिन कौंसिल में रिकार्ड की जांच की और संबंधित मुलाजिमों से पूछताछ भी की। हालांकि, जांच में क्या निकला इसकी जानकारी देने से वरियाम ¨सह ने इंकार कर दिया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि टीम को जांच के दौरान अधूरा रिकार्ड मिला।

इन पांच शिकायतों में सबसे महत्वपूर्ण खन्ना नगर कौंसिल के ठेके पर रखे मुलाजिमों के वेतन में की जा रही गड़बड़ी थी। कौंसिल के ही ट्यूबवेल ऑपरेटर कुल¨वदर ¨सह ने इसकी शिकायत अप्रैल माह में विजिलेंस से की थी। बुधवार को कौंसिल पहुंचे डीएसपी वरियाम ¨सह ने पहले ईओ रणबीर ¨सह से मुलाकात की। इसके बाद वे विभिन्न शाखाओं के कमरों में गए और संबंधित रिकार्ड की जांच की। बताते हैं कि टीम ने ठेके पर काम कर रहे मुलाजिमों को बुलाकर उनसे पूछा कि उन्हें कौन वेतन बांटता है। सूत्रों की माने तो कई मुलाजिमों ने उस माली का नाम लिया, जिसका जिक्र कुल¨वदर की शिकायत में था। डीएसपी वरियाम ¨सह ने कहा कि अभी कुछ बताने से जांच प्रभावित हो सकती है। फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। कंप्यूटर ऑपरेटर से चलवाकर देखा कंप्यूटर

बताते हैं कि कौंसिल के रिकार्ड में ठेके पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में भर्ती किए गए एक युवक से विजिलेंस की टीम ने कंप्यूटर भी चलवा कर देखा। बताते हैं कि कंप्यूटर चलाने के उसके तरीके और कंप्यूटर को लेकर उसके नालेज से विजिलेंस संतुष्ट नजर नहीं आई। टीम ने कुल¨वदर ¨सह को बुलाकर उससे भी बात की। इसके अलावा ठेके पर रखे मुलाजिमों का सारा रिकार्ड भी टीम ने कब्जे में ले लिया। चार और शिकायतों की जांच की

जानकारी के अनुसार कुल पांच शिकायतों की जांच के लिए विजिलेंस की टीम पहुंची थी। इनमें वेतन घोटाले के अलावा एक शिकायत क्लर्क परमजीत कौर ने इंप्लायज एसोसिएशन के प्रधान अनिल कुमार के खिलाफ की थी। इसके साथ ही वार्ड 4, वार्ड 23 और वार्ड 32 की तीन गलियों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतें भी विजिलेंस के पास थी। उनका रिकार्ड भी टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। फोटो - 9

दैनिक जागरण ने किया था वेतन घोटाले का खुलासा

खन्ना नगर कौंसिल में फर्जी मुलाजिमों की फर्जी हाजिरी लगाकर हो रहे वेतन घोटाले का खुलासा दैनिक जागरण ने ही 20 अप्रैल के अंक में किया था। एक व्हिसल ब्लोयर के रूप में सामने आए कौंसिल कर्मी कुल¨वदर ¨सह ने इसकी शिकायत विजिलेंस से की थी। कुल¨वदर ने कहा था कि कौैंसिल में फर्जी मुलाजिमों की फर्जी हाजिरी लगाकर वेतन हड़पा जा रहा है। मुलाजिम केवल कागजों में हैं। साथ ही पानी की निकासी को लगी मोटरों के डीजल में गड़बड़ी की शिकायत भी की थी। कुल¨वदर ने यहां तक आरोप लगाए थे कि एक माली कौंसिल के ठेके पर रखे मुलाजिमों को वेतन बांटता है।

Posted By: Jagran

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