जागरण संवाददाता, खन्ना : पंजाब स्टेट कर्मचारी दल के खन्ना के प्रधान और खन्ना नगर कौंसिल के सफाई मेट गरीब दास को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल कर दिया गया है। गरीब दास को करीब डेढ़ साल पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप पर सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि 11 महीने पहले जांच रिपोर्ट के बाद गरीब दास को एक बार बहाल किया गया था लेकिन बवाल मचा तो 3 दिन बाद ही बहाली आदेश वापस ले लिया गया।

गौरतलब है कि गरीब दास को 17 जनवरी 2017 को गरीब दास को किसी चन्नन ¨सह की शिकायत पर सस्पेंड कर दिया गया था। आरोप था कि गरीब दास मोहल्ले में हो रही एक बैठक के दौरान अकाली-भाजपा के लिए वोट मांग रहे थे। सस्पेंड करने के बाद खन्ना नगर कौंसिल के तत्कालीन ईओ रवनीत ¨सह ने मामले की जांच की। इसमें गरीब दास को क्लीन चिट दे दी गई। इसके चलते गरीब दास को 4 जुलाई 2017 को बहाल कर दिया गया, लेकिन बिना कोई कारण के 7 जुलाई 2017 को ही बहाली के आदेश वापस लेकर गरीब दास को फिर सस्पेंड कर दिया गया।

इस बीच एक प्रस्ताव खन्ना नगर कौंसिल की बैठक में भी पेश किया गया और उस प्रस्ताव में भी फैसला गरीब दास के खिलाफ ही हुआ। इस बीच गरीब दास ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस जितेंदर चौहान की अदालत ने 28 मई को गरीब दास के हक में फैसला सुनाते हुए गरीब दास को बहाल करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही गरीब दास को सोमवार को कौंसिल ने भी बहाल कर दिया। वे मंगलवार को ड्यूटी ज्वाइन करेंगे। गरीब दास ने इसे सच्चाई की जीत बताया और कहा कि सियासी रंजिश के चलते उन्हें झूठे आरोपों के चलते सस्पेंड किया गया था।

Posted By: Jagran

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