जागरण संवाददाता, खन्ना : भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन गणपति जी के छठी पूजा की गई। मंदिर देवी दवाला में राकेश भांबरी एवं अनिता द्वारा यजमान के तौर पर संकल्प लेकर गणेश जी का षोडषोपचार करवाया। यजमान दंपति ने गणपति जी को कई तरह के प्रसाद के अलावा नोटों का हार भी अर्पित किया। तत्पष्चात प्रमुख षिवगण एवं षिव की सवारी नंदी जी भी विषेष पूजा अर्चना की गई। पुष्पांजलि के बाद गणेश जी के विकट स्वरूप का स्मरण किया गया। पंडित मोहन ने बताया कि वैसे विकट का अर्थ अति विषम होता है लेकिन गणेश जी विकट नाम मोक्षदायक है। इस नाम का अर्थ विशेष लय में भक्ति की तरंगें उत्पन्न करके मोक्ष प्रदान करने वाला है। शाम के समय महिला संकीर्तन मंडली ने दर्शना एवं बिमला की देखरेख में गणेश महिमा का गुणगान किया एवं उसके बाद विशाल आरती उतारी गई एवं प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर मंजू भारद्वाज, बिमलाएृस दिवेष खुल्लर, अजीत कुमार, विमल जैन, नवप्रीत, वैभव कालिया, ब्रहम विज, उमेष अग्रवाल. देवकृष्ण ढंड, अंकुर, नेहा, अंबरेष शर्मा, एडवोकेट सुनंदन गैंद, एडवोकेट वाटिका गैंद, भी मौजूद रहे।

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