जागरण संवाददाता, खन्ना : भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुज छाहड़िया ने कहा है कि किसान आंदोलन के चलते काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि किसान भाईचारे का वोट किसे मिलेगा यह भी स्पष्ट होना चाहिए ताकि उस राय पर विचार हो सके। उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा से आग्रह किया कि अपना मत स्पष्ट करें ताकि बाकी दल भी उनके मत अनुसार अपनी नीतियां बना सकें। इसके साथ ही उन्होंने सभी पार्टियों द्वारा किसानों के लिए किए कार्य भी गिनाए।

छाहड़िया ने कहा कि किसान अगर कांग्रेस की तऱफ झुकते हैं तो उनकी किस नीति से प्रभावित हैं यह स्पष्ट करें। चिप्स बनाने वाली कंपनी को पंजाब में कौन लाया व वह भी तो कांट्रैक्ट फार्मिंग ही करवा रही है। उसका लिए विरोध क्यों नहीं किया गया। कांग्रेस के शासन में 12 जनवरी 1998 को बैतूल जिले में 24 किसान मरे, अक्टूबर 1988 में मेरठ में गोलियों से पांच किसान मरे। उसके बारे में किसान मोर्चा क्या कहेगा।

छाहड़िया ने पूछा कि यदि किसान अकाली दल से प्रभावित हैं तो अकाली दल ने केंद्र सरकार के हालिया बनाए कृषि कानूनों से मिलते जुलते कहीं अधिक सख्त कानून सन 2013 में बनाये थे तब किस तरह से वह कानून ठीक थे यह तय करें। वहीं आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने तीन कृषि कानूनों में से एक लागू भी कर दिया। यह अधिसूचना कृषि उत्पादन व्यापार व वाणिज्य ( संवर्धन व सुविधा) के लिए 23 नवंबर 2020 को जारी कर दी।

भाजपा की उपलब्धियों पर विचार करने को कहा

छाहड़िया ने आगे कहा कि भाजपा को छोड़कर किस पार्टी ने आज तक किसान भाइयों के लिए बिना मांगे 6000 रुपये सम्मान राशि दी इस पर विचार करें। मोदी सरकार ने डीएपी की ़कीमतें बढ़ने नहीं दी, यूरिया को नीम कोटेड करके उसकी ब्लैक बंद कीे, संपत्ति के मालिकाना हक देने की पहल की, अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाया, डेढ़ गुना से ज्यादा ओर लगातार एमएसपी में बढ़ोतरी की, मिट्टी की सेहत कार्ड, फसली बीमा, किसान रेल, ई-मंडी बनाई। अब जल्द ही बहुत कम कीमत पर तरल नैनो यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ऐसे में भाजपा के सभी कामों पर विचार होना जरूरी है।

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