जगराओं, जेएनएन। संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से सोमवार को रेलवे स्टेशन पार्क जगराओं में शहीदों के सरताज गुरु श्री अर्जुन देव जी को नमन किया गया। इस मौके पर विद्वान सुरजीत दोधर ने कहा कि गुरु साहिब को मुगलशाही से टक्कर लेने व धर्म न बदलने के एवज में गर्म तवे पर बैठकर महान शहादत का जाम पीना पड़ा था। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी की शहीदी के बाद छठे गुरु ने मीरी-पीरी का सिद्धांत दिया। फिर नौवें गुरु की शहादत के बाद दसवें गुरु ने हथियार उठाए। इसका अर्थ है कि जुल्म के बाद हथियार उठाना लाजिमी है। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की रचना में पांचवें गुरु साहिब का बड़ा योगदान है। गुरु साहिब के गुरबाणी में जो श्लोक दर्ज हैं, वह आज भी सार्थक हैं परन्तु उन पर अमल नही किया जा रहा है।

इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन एकता डकौदा के गुरमेल सिंह भरोवाल व गुरप्रीत सिंह सिद्धवां ने कहा कि शांति के पुंज गुरु अर्जुन देव जी की शहादत से प्ररेणा लेते हुए आज हजारों किसान आंधी तूफान में बैठे हैं। इस मौके पर गुरु साहिब जी को याद करते हुए गीत पेश किए। इस अवसर पर इंद्रजीत सिंह धालीवाल, जगदीश सिंह, मदन सिंह, गुरमुख सिंह, बलबीर सिंह  अगवाड़ लोपो, इकबाल सिंह बूटर सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। 

 

Edited By: Pankaj Dwivedi