जासं, लुधियाना

गिल चौक फ्लाई ओवर की रिटेनिंग वॉल टूटे एक माह से ज्यादा का वक्त हो गया। इसके टूटने से पूरे शहर का ट्रैफिक अस्त व्यस्त है। डिप्टी कमिश्नर ने रिटेनिंग वॉल टूटने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कमेटी गठित की। एक माह बीत जाने के बाद भी अफसर रिपोर्ट को अंतिम रूप नहीं दे सके। जिससे जांच टीम में शामिल अफसरों की कारगुजारी पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

पुल की रिटेनिंग वॉल गिरने के बाद 14 मई को डिप्टी कमिश्नर ने एडिशनल डिप्टी कमिश्नर शेना अग्रवाल की अध्यक्षता में जांच टीम बनाई। जिसमें ग्लाडा, नगर निगम व पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को शामिल किया गया। डीसी ने कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा, लेकिन 30 दिन बीत जाने के बाद भी अफसरों ने अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं की। जिसकी वजह से अभी तक रिटेनिंग वॉल के गिरने के कारणों का पता नहीं चल सका। जानकारी के मुताबिक गुरुनानक इंजीनियरिंग कॉलेज की तरफ से जांच कमेटी को मिट्टी के सैंपलों की रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसके बावजूद फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में वक्त लगाया जा रहा है। चूहों के सिर ठीकरा फोड़ने की तैयारी

गिल फ्लाई ओवर की रिटेनिंग वॉल गिरने के लिए नगर निगम के इंजीनियर चूहों को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। निगम इंजीनियरों के तर्क पर मोहर लगाने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक जांच कमेटी भी चूहों के सिर ही ठीकरा फोड़ने की तैयारी में है। हालांकि जांच कमेटी का कोई भी सदस्य अभी इस मामले में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। इंजीनियर्स के गले नहीं उतर रही लेट लतीफी

इंजीनियर्स काउंसिल के अध्यक्ष कपिल कुमार का कहना है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में इतना वक्त क्यों लगाया जा रहा है यह समझ से परे है। उन्होंने बताया कि जांच में अगर मिट्टी और मटीरियल के सैंपल लिए हैं तो उनकी जांच रिपोर्ट आने में ज्यादा से ज्यादा तीन दिन का वक्त लगता है। जबकि फिजिकल वेरिफिकेशन उसी दिन की जा सकती थी। उनका कहना है कि रिपोर्ट जारी करने में इसलिए वक्त लगाया जा रहा है ताकि एक बार रिटेनिंग वॉल पूरी बन जाएगी तो दोबारा मिट्टी के सैंपल की क्रॉस चेकिंग न हो सके। फाइनल रिपोर्ट नहीं मिली

मिट्टी के टेस्ट की रिपोर्ट आ गई है। जांच टीम में शामिल इंजीनियर्स की तरफ से अभी तक फाइनल रिपोर्ट नहीं मिली है। जब तक उनकी फाइनल रिपोर्ट नहीं आती है तब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है। अभी चंडीगढ़ में हूं आने के बाद इंजीनियर्स से इसकी रिपोर्ट मांगूंगी।

शेना अग्रवाल, एडीसी कम चेयरपर्सन जांच कमेटी

Posted By: Jagran