जागरण संवाददाता, लुधियाना/समराला: प्लास्टिक डोर सांसों की डोर को काट रही है। कई प्रयास करने के बावजूद लोग प्लास्टिक डोर का प्रयोग बंद नहीं कर रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए अब पहले से भी कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

समराला इलाके में पुलिस ड्रोन के जरिये प्लास्टिक डोर उड़ाने वालों की पहचान करेगी। जो लोग पकड़े जाएंगे उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया जाएगा। यही नहीं, पकड़े गए लोग पूछताछ में प्लास्टिक डोर बेचने वाले जिस दुकानदार का नाम बताएंगे उसके खिलाफ भी पुलिस इसी धारा के तहत केस दर्ज करेगी।

जीवन के लिए खतरा बनी प्लास्टिक डोर

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिन में खन्ना, समराला और लुधियाना शहर में प्लास्टिक डोर से घायल होने के तीन मामले सामने आए थे। इनमें एक बच्चा भी शामिल था, जिसे चेहरे पर 120 टांके लगाने पड़े थे। समराला थाने की पुलिस इसका ट्रायल भी कर चुकी है।

मंगलवार को अभियान शुरू किया जाना था लेकिन वर्षा के कारण इसे अब बुधवार को शुरू करने की तैयारी है। समराला व इसके आसपास के इलाके में वर्तमान समय में पतंग उड़ाने के लिए प्लास्टिक डोर का प्रयोग बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसे में पुलिस ने प्लास्टिक डोर के प्रयोग को रोकने के लिए ड्रोन का प्रयोग शुरु करने की योजना तैयार की है।

ड्रोन के कैमरे से बनी वीडियो होगी सुबूत

पुलिस ने सोमवार को इसका ट्रायल किया था। पुलिस ने लोगों के घरों की छतों की वीडियोग्राफी की थी। इसमें पतंग और डोर के गट्टू तक की पहचान की गई थी। ड्रोन से बनाई वीडियो को सुबूत के तौर पर सुरक्षित भी रखा जाएगा ताकि आरोपित मुकर न पाए। इस वीडियो को बाद में अदालत में सुबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।

इस साल प्लास्टिक डोर हुई ये घटनाएं

  • 15 जनवरी -समराला में छत पर पतंग उड़ता देखते समय चार वर्षीय बच्चे बिक्रमजीत सिंह का चेहरा प्लास्टिक डोर से कट गया था। उसके 120 टांके लगाने पड़े थे।
  • 16 जनवरी - खन्ना के गुरू हरिकृष्ण नगर निवासी हरबंस सिंह प्लास्टिक डोर की चपेट में आ गए थे। उनके गले में गहरा कट लगा था। उन्हें भी 17 टांके लगवाने पड़े थे।
  • 17 जनवरी - लुधियाना के एलिवेटेड रोड पर कोटमंगल सिंह के रहने वाले कमलदीप सिंह कंडा की प्लास्टिक की डोर से भौंहें व नाक कट गई थी। उसे 20 टांके लगवाने पड़े थे।

अभिभावकों पर भी होगी कार्रवाई

डीएसपी डीएसपी वरियाम सिंह का कहना है कि अगर बच्चे पतंग उड़ाते हैं तो उन्हें डोर माता-पिता ही खरीदकर देते हैं। या उनकी अनुमति से ही डोर खरीदते हैं।

अकेले पतंग उड़ाने वाले या बच्चों पर ही कार्रवाई नहीं होगी बल्कि उनके अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सरकारी आदेश नहीं मानने, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत हो सकती है।

Edited By: Sonu Gupta

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