जागरण संवाददाता, लुधियाना : आमतौर सिर में दर्द होने को बहुत हल्के में लिया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। इस दर्द की कई ऐसी वजहें हो सकती हैं, जिनमें जरा सी लापरवाही भी खतरनाक हो सकती है। कभी-कभी यह दर्द किसी गंभीर बीमारी के पनपने का सूचक भी हो सकता है। यह कहना है मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोइंटेरेशन रेडियोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. संदीप शर्मा का।

वे बुधवार को फ्रेंड्स रिजेंसी में स्ट्रोक के ट्रीटमेंट में आई तकनीक को लेकर प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने अति-आधुनिक इलाज रीडू स्ट्रोक विधि' से मरीजों के सफल इलाज के बारे में बताया। स्ट्रोक के मरीजों का समय पर इस री-डू इंटरवेनशन प्रोजीसर के तहत इलाज होता है, तो बहुत सारी जिंदगियों को बचाया जा सकता है। इस विधि के द्वारा जटिल किस्म के मरीजों का सफल इलाज किया है।

सिर दर्द के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. संदीप शर्मा ने कहा कि वैसे तो सिरदर्द बहुत ही कामन रूप से होता है, परंतु कभी-कभी यह कुछ आगामी बीमारियों के कारण भी हो सकता है। इसकी गंभीरता को समझते हुए सिरदर्द होने पर चिकित्सक से सलाह कर उसका उचित उपचार करवाना चाहिए। कभी-कभी यह माइग्रेन, तनाव एवं ब्रेन में होने वाली बीमारिया जैसे ब्रेन ट्यूमर की वजह से भी हो सकता है और यह घातक हो सकता है। यदि सिरदर्द बार-बार होने लगे और ये काफी तेज हो, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज ना करें। यह भी ब्रेन ट्यूमर का प्रमुख लक्षण है। सिरदर्द के साथ चक्कर आना और आखों के सामने धुंधला दिखाई देना व शारीरिक संतुलन में परेशानी ब्रेन ट्यूमर की वजह से हो सकता है। सुबह-सुबह सिरदर्द होना एक महत्वपूर्ण चेतावनी का संकेत है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इंटराक्रेनियनल प्रेशर के लगातार बढ़ने से मस्तिष्क पर दबाव की मात्रा काफी बढ़ जाती है और इससे अत्यधिक तरल पैदा होता है। मस्तिष्क में सूजन आती है या एक गाठ बन जाती है, जो ब्रेन ट्यूमर का कारण हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है।

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