जागरण संवाददाता, लुधियाना : वर्ष 2020-21 में कोविड-19 संकट और किसान आंदोलन के चलते इंपोर्ट एक्सपोर्ट का पहिया रुकने के बावजूद लुधियाना के कस्टम विभाग की ओर से 1885 करोड़ रुपये का राजस्वट जुटाया गया है। इसके साथ ही विभाग की ओर से 321 करोड़ रुपए का डयूटी ड्रा बैक 58050 शिपिग बिलों के लिए दिया गया। आइजीएसटी रिफंड की बात करें, तो विभाग ने 1275 करोड़ रुपए का रिफंड 28517 शिपिग बिलों पर दिया है। इस दौरान 49 केस मिस डेक्लारेशन, अंडर वैल्यूएशन एवं स्मगलिग के पकड़े गए। इनमें 91.46 करोड़ के उत्पाद सीज किए गए, जिनमें 18 करोड़ रुपए की कस्टम डयूटी चोरी की जा रही थी। इनमें विभाग की ओर से 10 करोड़ रुपए की रिकवरी भी की गई है। कस्टम कमिश्नर एएस रंगा ने बताया कि ईज आफ डुइंग बिजनेस के तहत चार एप्लीकेशन लांच की गई और डिजिटलाइजेशन को लेकर फोकस किया गया। इसके साथ ही कर्मचारियों के बचाव को लेकर कस्टम विभाग के कोविड नियमों का पूर्ण पालन किया गया। इसके साथ ही सोशल रिस्पांसिबिलटी के तहत नैपकिन डिस्पेंसर और सरकारी प्राइमरी स्कूल बीर साहनेवाल का कायाकल्प किया गया है।

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