जागरण संवाददाता, लुधियाना : बुड्ढा दरिया के आसपास के इलाकों में उगाई जाने वाली सब्जियों में भी केमिकल आने लगे हैं। यह खुलासा मंगलवार को लाइफ लाइन फाउंडेशन की तरफ से बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए आयोजित सेमिनार में पेश रिपोर्ट से हुआ। यह रिपोर्ट पीएयू के वैज्ञानिक डॉ. एसएस हुंदल और डॉ. धनविंदर सिंह ने पेश की।

उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नाले के आसपास अगर पंप के जरिए सिंचाई कर सब्जियां उगाई जा रही हैं तो उनमें भी कैडमियम, जिंक, लेड, निकिल जैसी धातुएं डिटेक्ट हो रही हैं। पत्तेदार सब्जियों में इन केमिकलों की मात्रा ज्यादा पाई गई। यही नहीं जब बुड्ढे दरिया का पानी सतलुज में मिलता है तो उसके बाद सतलुज में पाई जाने वाली मछलियों में भी यही केमिकल मिल रहे हैं। इससे साफ है कि बुड्ढे दरिया का यह गंदा पानी अब शहर वासियों के लिए भी खतरनाक हो गया है।

इस मौके पर मिशन तंदरुस्त पंजाब के डायरेक्टर काहन सिंह पन्नू ने कहा कि सरकार अब इसके प्रति गंभीर है और दरिया की सफाई के लिए योजना तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि सीईटीपी के साथ साथ एसटीपी को भी अपडेट करने की जरूरत है। निगम व पीपीसीबी अफसरों पर बरसे सीचेवाल

सेमिनार में नगर निगम अफसरों, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों व अन्य ने बुड्ढे दरिया की सफाई पर अपने प्रोजेक्टों के बारे में जानकारी दी। उसके बाद संत सींचेवाल ने नगर निगम और पीपीसीबी के अफसरों की जमकर खिंचाई की और दरिया की इस दुर्दशा के लिए उनको जिम्मेदार ठहराया। संत सींचेवाल ने कहा कि अब न तो नगर निगम के अफसर बचेंगे और न ही पीपीसीबी के। उन्होंने कहा कि एनजीटी में इस मामले को पूरी सख्ती के साथ पेश किया जाएगा।

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