लुधियाना, जेएनएन। नगर निगम प्रदूषित पानी बुड्ढा दरिया में गिरने से नहीं रोक पा रहा है। निगम के तीनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सही से काम नहीं कर रहे और प्रदूषित पानी दरिया में गिर रहा। वहीं दूसरी तरफ शहर में वेस्ट मैनेजमेंट करने में भी निगम पूरी तरह नाकाम रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की हिदायतों के बाद भी निगम कोई सुधार नहीं कर पाया। निगम की नाकामी को देखते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने अलग-अलग नोटिस जारी कर सवा करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करवाने को कहा।

वित्तीय संकट से जूझ रहा नगर निगम बैंक गारंटी जमा भी नहीं करवा सका और न ही निगम अफसर बुड्ढा दरिया में गिर रहे सीवरेज के पानी को रोक पाए। पीपीसीबी अब निगम अफसरों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए अपने लॉ एक्सपर्ट से सलाह ले रहा है। माना जा रहा है कि पीपीसीबी खुद को एनजीटी के डंडे से बचाने के लिए निगम अफसरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुका है।

एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी ने जब शहर में वेस्ट मैनेजमेंट का जायजा लिया था तो हालात बेहद खराब थे। तब एनजीटी ने नगर निगम को एक्शन प्लान तैयार कर वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार की हिदायतें दीं, लेकिन निगम की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद पीपीसीबी ने नगर निगम को 50 लाख रुपये बैंक गारंटी जमा करवाने का नोटिस जारी किया।

इसके बाद सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के काम न करने पर भी पीपीसीबी ने 25-25 लाख रुपये की तीन बैंक गारंटी जमा करवाने के नोटिस जारी किए। इस तरह पीपीसीबी अब तक निगम को कुल सवा करोड़ रुपये की बैंक जमा करवाने के नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन नगर निगम समय सीमा पार होने के बाद भी बैंक गारंटी जमा नहीं करवा सका।

पीपीसीबी करेगा सख्त कार्रवाई

पीपीसीबी अब निगम अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। इसके लिए पीपीसीबी के वरिष्ठ अफसरों ने कानूनी माहिरों से सलाह लेनी शुरू कर दी। दरअसल पीपीसीबी को भी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को इन मामलों में जवाब देना है।

निगम के खिलाफ कार्रवाई के चार विकल्प

पीपीसीबी के पास नगर निगम अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चार विकल्प हैं। चारों विकल्पों में से बोर्ड क्या कार्रवाई करेगा इस पर मंथन चल रहा है। पीपीसीबी निगम के खिलाफ अदालत में केस दायर करेगा। निगम अफसरों से इन्वायरमेंटल कंपनसेशन वसूला जा सकता है। अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पंजाब सरकार को लिखा जा सकता है। बोर्ड डिप्टी कमिश्नर के जरिए निगम से वसूली करवाई जा सकती है। निगम अफसरों की जिम्मेदारी होगी तय पीपीसीबी के अफसरों की मानें तो एक्शन प्लान के तहत काम न करने वाले अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पीपीसीबी चारों विकल्पों में जो भी कार्रवाई करेगा, उसके साथ निगम के अफसरों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

निगम अफसरों ने दिया था एक्शन प्लान के तहत काम करने का भरोसा

पीपीसीबी ने वेस्ट मैनेजमेंट में लापरवाही को लेकर बैंक गारंटी जमा करने का जो नोटिस भेजा था उसके बाद निगम अफसर पीपीसीबी के सामने पेश हुए थे और उन्होंने कहा था कि निगम एक्शन प्लान के तहत काम करेंगे, लेकिन उन्हें बैंक गारंटी जमा करवाने की छूट दी जाए, जिसे पीपीसीबी ने सिरे से नकार दिया और उन्हें बैंक गारंटी जमा करने को कहा था। उसके बाद भी एक माह बीत गया, लेकिन न तो वेस्ट मैनेजमेंट की स्थिति में सुधार हुआ और न ही एसटीपी की स्थिति में।

नगर निगम दरिया की सफाई व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर पूरे जोर के साथ काम कर रहा है। कुछ तकनीकी खामियों के कारण तय समय पर काम पूरा नहीं हो सका। अभी भी निगम पूरा प्रयास कर रहा है। नगर निगम की वित्तीय स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इसलिए निगम बैंक गारंटी जमा नहीं करवा सका।

-बलकार सिंह संधू, मेयर लुधियाना।

नगर निगम ने बैंक गारंटी जमा नहीं करवाई और न ही उन्होंने दरिया की सफाई व वेस्ट मैनेजमेंट पर ठोस काम किया। अब निगम अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है। हमारे पास चार विकल्प हैं। किस विकल्प के आधार पर कार्रवाई की जाएगी अभी इस पर मंथन चल रहा है। लेकिन सख्त कार्रवाई होना तय है।

-करुणेश गर्ग, मेंबर सेक्रेटरी, पीपीसीबी, पटियाला।

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