जागरण संवाददाता, लुधियाना : सड़क यातायात सुरक्षित बनाने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि हर कोई ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर संजीदा रहें। इसे लेकर समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया भी जाता है। अफसोसजनक बात यह है कि अभी भी ट्रैफिक नियमों के अनुपालन को लेकर वैसी सजगता-संवेदना नहीं दिखाई देती जैसी होनी चाहिए। यह कहना है एसीपी गुरदेव सिंह का।

एसीपी गुरदेव सिंह न्यू जीएमटी पब्लिक स्कूल में टै्रफिक एजूकेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सड़क हादसे यातायात नियमों का पालन नहीं करने के कारण ही होते हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल पर नहीं करनी चाहिए। मोबाइल से बात करते समय अगर कोई दूसरा वाहन आ जाता है, तो हादसे की स्थिति बन जाती है। दोनों तरफ देखकर ही सड़क पार करनी चाहिए। अगर कोई वाहन आ रहा है तो सड़क पार नहीं करनी चाहिए। टै्रफिक नियमों का उल्लंघन करने से पहले सोच लेना चाहिए कि कोई घर पर हमारा इंतजार कर रहा है। जिंदगी एक बार ही मिलती है और यह बहुमूल्य है। हर व्यक्ति को चाहिए कि वह खुद को भी सुरक्षित करें और दूसरों को भी सुरक्षित रखे।

सड़क पर किसी एक व्यक्ति की लापरवाही के कारण दूसरा भी अपनी जिंदगी खो बैठता है। यातायात के नियम हमारी सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। स्कूलों में भी सुरक्षा के इन नियमों के विषय में बताया जाना चाहिए। नियमों का अनुपालन कराने की व्यवस्था हर स्तर से की जाए, सिर्फ पुलिस प्रशासन के भरोसे इसे नहीं छोड़ा जा सकता। इस मौके पर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलवाई।

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