संस, लुधियाना

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा कोहाड़ा रोड में पांच दिवसीय श्री राम कथामृत के अंतिम दिवस की शुरुआत राम सिंह (सह कार्यवाह आरएसएस खन्ना), जतिदर (जिला प्रचारक आरएसएस), स्वर्ण कुमार सोनी (प्रधान भावाधस, पंजाब), राजन भाटिया (यूथ अकाली लीडर), बीएस पाल (प्रिसिपल सरस्वती विद्या स्कूल), सीएमओ गुरदीप सिंह द्वारा ज्योति प्रज्वलित करके की गई। इस अवसर पर कथा प्रसंग की रसधारा बहाते हुए कथा व्यास साध्वी गरिमा भारती ने कहा कि श्री राम के परम भक्त हनुमान विभीषण से भेंट करने के बाद माता सीता का पता पूछ कर जाते हैं। वह माता सीता की हालत देख कर बहुत दुखी होते हैं। माता सीता को प्रभु की मुद्रिका भेंट कर चकित कर देते हैं। माता सीता को श्री राम की महिमा बताते हैं। उसके बाद भूख का बहाना लगाकर माता सीता से फल खाने की आज्ञा लेते हैं। वहीं पर इस दौरान रावण के पुत्रों का वध करते हैं। मेघनाद के बह्मा अस्त्र छोड़ने पर हनुमान स्वयं को उसमें बांध देते हैं। फिर हनुमान को रावण की सभा में पेश किया जाता है। रावण उनसे पूछता है कि तू किसके बल पर इतना साहस दिखा रहा है। तब हनुमान ने बताया कि हे रावण मैं प्रभु श्री राम का दास हनुमान हूं। इसके बाद जैसे ही नगर के बाहर आकर हनुमान की पूंछ को आग लगाई गई, तो हनुमान ने सारे बंधन तोड़ कर लंका नगरी को आग लगा दी। हनुमान की महिमा अपरमपार है।

इस अवसर पर शाम सुंदर गोयल, सपरिवार, शिवाला मंदिर कमेटी साहनेवाल से नीटा प्रधान, बांका, श्री कृष्णा मंदिर कमिटी से राजेश बिल्लू, अक्सर फाउंडेशन से अशोक कुमार, चौधरी रछपाल, पवन कुमार द्वारा कथा वाचक एवं संत समाज को सम्मानित किया गया। स्वामी प्रकाशानंद व स्वामी गुर कृपानंद द्वारा सभी सेवादारों एवं सहयोगियों, पुलिस प्रशासनव संगत का धन्यवाद किया गया।

Posted By: Jagran

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