जागरण संवाददाता, लुधियाना। बच्चों और युवाओं को नए साल की शुरुआत में जिस दिन का इंतजार था, वह है लोहड़ी। हो भी क्यों ने इस दिन पतंगबाजी जो जमकर करने को मिलती है। हालांकि सुबह मौसम ने बच्चों और युवाओं के अरमानों पर पानी फेर दिया। कोहरे के चलते सुबह-सबह पतंगबाजी का उत्साह कम देखने को मिला लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया पतंगबाजी का जोश व उत्साह देखने को मिला। आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती दिखी। 

युवाओं ने छतों पर लोहड़ी सेलिब्रेट करने के लिए विशेष इंतजाम किए हुए हैं। स्पीकर्स के साथ-साथ खाने-पीने का विशेष प्रबंध रहा। कहीं युवा अपने दोस्तों संग पतंगबाजी करते दिखे तो कहीं फिल्मों गीतों पर डांस करने का दौर चला। आई बो, बो काटा की गूंज भी इस दौरान सुनने को मिली। जिस घर में पहली लोहड़ी मनाई गई, वहां तो यह आनंद दोगुना देखने को मिला। कई घरों में तो ढोल वाले बुलाए गए और ढोल की थाप पर पारिवारिक सदस्यों ने डांस किया।

तिल, रेवड़ी-मूंगफली एवं गच्चक की सजी रही दुकानें

लोहड़ी के दिन भी शहर में तिल, गजक, रेवड़ी और मूंगफली की दुकानें सजी रही। लोग त्योहार के दिन भी खरीददारी करते नजर आए।

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डोले की भी हो रही डिमांड

लोहड़ी के दिन जहां सुबह से शाम तक युवा पतंगबाजी करने में व्यस्त होते हैं। वहीं रात को लोहड़ी पूजा के बाद डोले जलाते हैं। पिछले तीन-चार सालों से लोहड़ी की रात डोले जलाने का प्रचलन कापी बढ़ता दिख रहा है। हैबोवाल मार्केट में पतंगों से सजी दुकानों में डोले भी विशेष तौर पर रखे गए। दुकानदारों ने कहा कि लोहड़ी के दिन के लिए इनकी भी विशेष तौर पर डिमांड हो रहा है।

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Edited By: Pankaj Dwivedi