लुधियाना [डीएल डॉन]। Lockdown 5.0 Unlock 1: लॉकडाउन में ढील के बाद कोरोना संकट में धान रोपाई के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार से रोजाना आ रहे सैकड़ों कामगारों ने किसानों की चिंता दूर कर दी है। शहीद एक्सप्रेस से बिहार के दरभंगा जिले से सैकड़ों मजदूर लुधियाना पहुंचे। किसानों की तरफ से बिहार भेजी गईं बसों से भी कई गांवों मेंं मजदूर रोपाई के लिए पहुंचे हैं। कोरोना से बचाव के लिए किसान मजदूरों का मेडिकल चेकअप करवाकर ही ला रहे हैं।

लुधियाना में करीब 250 लाख हेक्टेयर में धान की फसल की बिजाई होती है। इसमें से करीब 55 प्रतिशत खेतों में रोपाई हो चुकी है। 10 जुलाई तक सभी खेतों में रोपाई होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि एक हेक्टेयर में 15 मजदूर धान की रोपाई करते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार से लगातार मजदूर आ रहे हैं। बड़े किसान मजदूरों को लाने के लिए बस भी भेज रहे हैं। किसी में कोरोना का कोई लक्षण न हो, इसके लिए मेडिकल टेस्ट करवा कर ही किसान मजदूरों को यहां ला रहे हैं।

रविवार को बिहार के सीतामढ़ी के ललबंदी गांव से बस से सौ से ज्यादा मजदूर बस्ती जोधेवाल से गांव मांगट पहुंचे। रास्ते में पुलिस ने बस को रोका तो किसान प्रीतपाल सिंह मांगट ने बिहार में करवाई गई मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट भी दिखाई।

किसानों से अच्छा संबंध इसलिए कोरोना संकट में धान रोपने आए

उधर, बिहार के समस्तीपुर से पहुंचे लालचंद, मोहन, राजिंदर ने कहा कि वह दस वर्ष से हर साल धान रोपाई, कटाई और गेहूं कटाई के लिए पंजाब आते हैं। किसानों से उनका अच्छा संबंध है। इसके चलते कोरोना वायरस के बीच धान की रोपाई करने आए हैं। लुधियाना में धान रोपने के बाद वह वापस गांव चले जाएंगे। रोपाई से अच्छी खासी कमाई हो जाती है और घर का गुजारा हो जाता है।

इस बार धान की रोपाई में खर्च ज्यादा हो रहा : अवतार सिंह

गांव मांगट के किसान अवतार सिंह ने कहा कि खेतों में जोताई हो चुकी है और मजदूर खेतों में धान रोपाई कर रहे हैं। इस बार खेती खर्च ज्यादा लग रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश और बिहार से मजदूर लाने के लिए किराया भी देना पड़ रहा है।

 

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